एम्स रिसर्च डे में दिखी शोध प्रतिभाओं की चमक,पीजी थीसिस से लेकर इनोवेटिव आइडिया के प्रतिभाओं का सम्मान
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। एम्स बिलासपुर में रिसर्च डे के दौरान संस्थान में चल रहे शोध कार्यों और नई प्रतिभाओं की झलक देखने को मिली। डॉक्टरों, रेजिडेंट और मेडिकल छात्रों ने शोध के विभिन्न क्षेत्रों में अपनी प्रतिभा दिखाई। जुलाई और अगस्त में आयोजित विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेताओं को स्वास्थ्य अनुसंधान विभाग के सचिव एवं आईसीएमआर महानिदेशक डॉ. राजीव बहल ने पुरस्कार देकर सम्मानित किया। इस अवसर पर एम्स अध्यक्ष प्रो. डॉ. एनके अरोड़ा और कार्यकारी निदेशक लेफ्टिनेंट जनरल (डॉ.) दलजीत सिंह भी मौजूद रहे।
फैकल्टी वर्ग में प्रो. डॉ. पूनम वर्मा ने बेस्ट फैकल्टी प्रोजेक्ट और बेस्ट फैकल्टी पब्लिकेशन, दोनों में प्रथम पुरस्कार हासिल कर दोहरी सफलता दर्ज की। बेस्ट प्रोजेक्ट में प्रो. डॉ. अनुपम पाराशर दूसरे और डॉ. हरप्रीत कौर तीसरे स्थान पर रहीं। बेस्ट पब्लिकेशन में डॉ. रुपाली परलेवार ने दूसरा और डॉ. हरप्रीत कौर ने तीसरा स्थान हासिल किया।
प्रो. डॉ. अनुपम पाराशर को डीएचआर-आईसीएमआर शॉर्ट टर्म इंटरनेशनल फेलोशिप 2025-26 के लिए सम्मानित किया गया। रिसर्च आइडिया क्लीनिक में डॉ. कपिल शर्मा के प्रस्ताव को सर्वश्रेष्ठ चुना गया। डॉ. अजय जारयाल को सर्वाधिक इंपैक्ट फैक्टर वाली पत्रिका में प्रकाशन के लिए सम्मान मिला, जबकि डॉ. दीप्ति मलिक को स्पेशल कमेंडेशन अवाॅर्ड दिया गया।
क्लीनिकल केस चैलेंज में डॉ. मनुप्रिया, डॉ. शिवानी जैन और डॉ. विनय शर्मा ने क्रमश: फैकल्टी, सीनियर रेजिडेंट और जूनियर रेजिडेंट वर्ग में पुरस्कार हासिल किए। डॉ. मिशा सुमन को स्पेशल ज्यूरी अवाॅर्ड मिला। बेस्ट पीजी थीसिस में राजेश कन्ना एस, मोनालिसा सेठी और प्रतीक गोयल तथा बेस्ट यूजी रिसर्च प्रोजेक्ट में हर्षिता, धवनि और प्राची को सम्मानित किया गया। इनोवेटिव आइडिया वर्ग में सानिया खान और आर्यन अग्रवाल को पुरस्कार मिले। रिसर्च सेक्शन के बेस्ट लोगो डिजाइन में डॉ. अनुपमा धीमान प्रथम, डॉ. मोनिका शर्मा और डॉ. वरिंदर कौर की टीम द्वितीय और शिव सागर महतो तृतीय रहे। आईसीएमआर पीजी थीसिस ग्रांट और एसटीएस ग्रांट हासिल करने वाले शोधार्थियों को भी सम्मानित किया गया।