- ग्रामीणों को करना पड़ रहा दिक्कतों का सामना
- महिलाएं और विद्यार्थी सबसे अधिक हो रहे परेशान
संवाद न्यूज एजेंसी
शाहतलाई (बिलासपुर)। झंडूता विधानसभा के पिछड़ा क्षेत्र कोटधार में निर्धारित समय सारिणी के अनुसार निजी बसें न चलने से ग्रामीणों को दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है। क्षेत्र के ग्रामीणों का कहना है कि निजी बस चालकों की मनमानी के आगे न तो प्रदेश सरकार कोई ठोस कदम उठा रही है और न ही संबंधित विभाग की ओर से कोई कार्रवाई की जा रही है।
निर्धारित रूट पर निजी बसें न चलने का नुकसान दुर्गम क्षेत्र की जनता को भुगतना पड़ रहा है। कोटधार का अधिकतर क्षेत्र गोबिंद सागर झील से चारों ओर घिरा हुआ है। इस क्षेत्र में ज्यादा बसों की आवाजाही न होने के कारण लोगों को समय से पहले ही सड़क के किनारे बैठकर बस का इंतजार करना पड़ता है, लेकिन निजी बसें अपने निर्धारित रूट पर न चलने से खास कर महिलाओं को एकांत सुनसान जगह होने भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। इतना ही नहीं, रविवार के दिन निर्धारित रूट पर निजी बसें न चलने ऐसे लोगों को टैक्सियों का सहारा लेना पड़ता है। इससे उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। मलरांव पंचायत प्रधान ओंकार चंदेल, राजकुमार, इंद्र सिंह, मस्त राम, सोहन सिंह, सीता देवी, रविदत्त, ब्रह्मदत्त, मनोज कुमार, रामपाल, राजेश कुमार, रमेश कुमार, नरेंद्र कुमार, राकेश कुमार, देशराज सहित अन्य लोगों का कहना है कि निजी बस मालिकों ने पिछड़ा क्षेत्र का हवाला देकर निजी बसों के रूट ले लिए। कई बार निर्धारित रूट पर न चलाकर आधे रास्ते में ही सवारियों को उतार देते हैं। कुछ निजी बसों के रूट को बंद हुए दो साल से ज्यादा समय बीत गया है, लेकिन अभी तक न ही उन निजी बसों के रूट बहाल हुए और न ही प्रदेश सरकार ने बंद हुए रूटों पर कोई अन्य बस नहीं चलाई। बसों के अभाव के चलते स्कूल, कॉलेज की पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं सहित अन्य आमजन को परेशानी झेलनी पड़ रही है।
कोट
क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी राजेश कौशल ने बताया कि निजी बसों के निर्धारित रूट पर न चलने की शिकायतें मिल रही हैं। जो बसें निर्धारित रूट पर नहीं चल रही हैं, उन मालिकों को नोटिस जारी कर हिदायत दी गई है कि वह अपनी बसों को निर्धारित रूट पर चलाएं। अन्यथा कड़ी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।