घुमारवीं (बिलासपुर)। प्रदेश के निजी बस ऑपरेटर पिछले 8 माह से अपनी मांगों को लेकर सरकार के पास गुहार लगा रहे हैं। सरकार भी आश्वासन दे रही है, लेकिन अभी तक कोई फैसला नहीं लिया गया है। अब निजी बस ऑपरेटरों ने फैसला लिया है कि अगर सरकार ने उनकी मांगें नहीं मानीं तो वे तीन मई से अपनी बसें खड़ी कर देंगे।
निजी बस ऑपरेटरों के जिला प्रधान राजेश पटियाल ने कहा कि प्रदेश के सभी ऑपरेटर सरकार से बार-बार गुहार लगा रहे हैं कि उनका टैक्स माफ किया जाए। कार्यशील पूंजी आवंटित कर दी जाए। सरकार आश्वासन ही दे रही है। तीन मई से सभी बस ऑपरेटर बसें खड़ी कर हड़ताल पर चले जाएंगे।
निजी बस ऑपरेटर सवारियां कम होने के कारण बसें चलाने में असमर्थ हैं। जिले में वर्तमान में 10 से 15 फीसदी बसें ही रूटों पर चल रही हैं। 15 अप्रैल को हिमाचल दिवस पर 3 माह का 50 फीसदी टैक्स माफ करने की घोषणा प्रदेश सरकार ने की थी। जबकि पिछले 8 माह का टैक्स अभी भी बकाया है। बस ऑपरेटरों की मुख्य मांगों में टैक्स माफी और कार्यशील पूंजी को लागू करना है। लेकिन सरकार इस पर कोई फैसला नहीं ले रही है। 25 मार्च को प्रधान सचिव परिवहन की अध्यक्षता में बैठक हुई थी। इसमें फैसला लिया गया था कि अप्रैल माह में कैबिनेट बैठक होगी, उसमें इस मुद्दे पर चर्चा की जाएगी और फैसला भी लिया जाएगा। लेकिन कैबिनेट बैठक में इस मुद्दे पर अभी तक कोई चर्चा नहीं की गई। निजी बस ऑपरेटर अब अपनी बसें खड़ी करने के लिए मजबूर हैं। अगर अगले 8 दिन में प्रदेश सरकार ने कोई फैसला नहीं लिया तो 3 मई से बसें खड़ी कर दी जाएंगी।