चौकीदार आत्महत्या मामला : बेटे के आराेपों को बताया बेबुनियाद, उपायुक्त को सौंपा ज्ञापन
- लगाए आराेपों पर दे सबूत, नहीं दे करेंगे मानहानि का केस
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। उपमंडल सदर की ग्राम पंचायत बैरी रजादियां पंचायत के चौकीदार आत्महत्या मामले में पंचायत सचिव और प्रधान ने मृतक चौकीदार के बेटे की ओर से लगाए गए आरोपों बेबुनियाद बताया। सचिव और प्रधान ने कहा कि चौकीदार अपने घर के विवादों से परेशान था। सोमवार को उन्होंने उपायुक्त को वार्ड सदस्यों और ग्रामीणों के साथ ज्ञापन सौंपा।
बिलासपुर में आयोजित पत्रकार वार्ता में पंचायत सचिव अरुण कुमार और प्रधान निशा चंदेल ने कहा कि 8 जून को छुट्टी वाले दिन पंचायत चौकीदार ने जहरीला पदार्थ खाकर आत्महत्या की। अब उनका बेटा दोनों पर आरोप लगा रहा है जो सही नहीं है। उन्होंने बताया कि 7 जून को चौकीदार पंचायत आया तो सचिव ने उससे कहा कि तुम अब नियमित कर्मचारी हो इसलिए जब भी छुट्टी पर जाओ तो पत्र दे दिया करो। इसके बाद वह गुस्सा हुआ और घर चला गया। उन्होंने बताया कि इसके बाद प्रधान ने इसके बेटे को फोन किया और बताया कि आपके पापा यहां से गुस्से में घर चले गए उन्हें देख लेना। थोड़ी देर बाद उनका फोन आया कि वह ठीक हैं। अगले दिन उसने छुट्टी वाले दिन आत्महत्या कर ली। प्रधान और सचिव ने बताया कि मृतक मानसिक रूप से भी अस्वस्थ था। इसके बारे में उसके बेटे ने पंचायत में भी लिखकर दिया था। वह इसके लिए दवाई भी खाता था। उन्होंने बताया कि उन्हें जानकारी मिली है कि परिजनों के साथ उसका विवाद चल रहा था और इसके परिजन भी इसके साथ मारपीट करते थे। इससे भी वह परेशान रहता था। इसके चलते उसने इतना बड़ा कदम उठाया। कहा कि जब उसने जहरीला पदार्थ खाया और उसे उपचार के लिए ले जाया जा रहा था तो उन लोगों ने जानबूझकर उससे पंचायत प्रधान और सचिव के खिलाफ बयान दिलाया, ताकि उन पर बात न आए। उन्होंने कहा कि उन्होंने चौकीदार और उसके परिवार की हमेशा सहायता की और आज वह उन पर आरोप लगा रहे हैं। कहा कि चौकीदार को कभी भी पंचायत में परेशान नहीं किया। प्रधान और सचिव ने उपायुक्त को ज्ञापन सौंपा और न्याय की गुहार लगाई। साथ ही उन्होंने कहा कि जो उनका बेटा आरोप लगा रहा है उसके सबूत दे नहीं तो वह मानहानि का केस करेंगे। इस मौके पर वार्ड सदस्य बीना, राज, पूनम और ज्योति सहित अन्य ग्रामीण मौजूद रहे।