तीसरे चरण में 58 पंचायतों के लोग प्रत्याशियों के भाग्य का करेंगे फैसला
540 मतदान केंद्रों में से 55 अति-संवेदनशील, 133 संवेदनशील
झंडूता ब्लॉक में सबसे अधिक 28 अति-संवेदनशील केंद्र चिह्नित
घुमारवीं ब्लॉक में पुरुषों से ज्यादा है महिला मतदाताओं की संख्या
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। जिले में पंचायती राज संस्थाओं के चुनाव को लेकर प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। जिले की 182 ग्राम पंचायतों, चार पंचायत समितियों और जिला परिषद के 14 वार्ड वार्डों में मतदान होगा। कुल 3 लाख 14 हजार 120 मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग कर गांवों की सरकार चुनेंगे।
प्रशासन ने चुनाव प्रक्रिया को निष्पक्ष और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए व्यापक सुरक्षा और प्रबंधन योजना तैयार की है। जिले में कुल 540 मतदान केंद्र स्थापित किए गए हैं, जिनमें से संवेदनशील और अति-संवेदनशील केंद्रों पर विशेष निगरानी रखी जाएगी। मतदान प्रक्रिया को तीन चरणों में विभाजित किया गया है ताकि व्यवस्था सुचारु बनी रहे। पहले चरण में 62 पंचायतों में मतदान होगा, दूसरे चरण में भी 62 पंचायतों में वोट डाले जाएंगे, जबकि तीसरे और अंतिम चरण में शेष 58 पंचायतों में मतदान होगा। घुमारवीं ब्लॉक में सबसे अधिक 63 पंचायतें हैं, जबकि श्री नयना देवी जी ब्लॉक में 25 पंचायतें शामिल हैं। झंडूता और सदर ब्लॉक भी चुनावी दृष्टि से अहम भूमिका निभाएंगे। जिले में कुल 3,14,120 मतदाता हैं, जिनमें 1,57,772 पुरुष और 1,56,348 महिला मतदाता शामिल हैं। घुमारवीं ब्लॉक में महिला मतदाताओं की संख्या 59,579 है, जो पुरुष मतदाताओं 58,688 से अधिक है। यह स्थिति कई पंचायतों के चुनाव परिणामों को प्रभावित कर सकती है।
जिले में बनाए गए 540 मतदान केंद्रों में से 55 केंद्रों को अति-संवेदनशील और 133 को संवेदनशील घोषित किया गया है। शेष 352 केंद्र सामान्य श्रेणी में रखे गए हैं। झंडूता ब्लॉक में सबसे अधिक 28 अति-संवेदनशील केंद्र चिह्नित किए गए हैं। इन क्षेत्रों में अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती के साथ निगरानी व्यवस्था को भी मजबूत किया जाएगा।
जिले में कुल 1140 ग्राम पंचायत वार्ड बनाए गए हैं। सदर ब्लॉक की 49 पंचायतें व 311 वार्ड, घुमारवीं ब्लॉक की 63 पंचायतें व 403 वार्ड, झंडूता ब्लॉक की 45 पंचायतें व 283 वार्ड, श्री नयना देवी जी ब्लॉक की 25 पंचायतें व 143 वार्ड। इसके अलावा मतदाता सूची में हाल ही में 1541 नए मतदाताओं के नाम भी जोड़े गए हैं। चुनाव संचालन के लिए प्रशासन ने रिटर्निंग और सहायक रिटर्निंग अधिकारियों की तैनाती पूरी कर ली है। ग्राम पंचायतों के लिए संबंधित बीडीओ को रिटर्निंग ऑफिसर नियुक्त किया गया है, जबकि पंचायत समितियों के लिए एसडीएम और तहसीलदार जिम्मेदारी संभालेंगे। जिला परिषद चुनाव की पूरी जिम्मेदारी जिला निर्वाचन अधिकारी के पास रहेगी।
जिला निर्वाचन अधिकारी राहुल कुमार ने बताया कि सभी मतदान केंद्रों पर बिजली, पानी, रैंप और पहुंच मार्ग जैसी मूलभूत सुविधाएं सुनिश्चित की जा रही हैं। संवेदनशील और अति-संवेदनशील केंद्रों पर सीसीटीवी/वीडियोग्राफी और अतिरिक्त सुरक्षा बल की तैनाती की जाएगी ताकि किसी भी प्रकार की अव्यवस्था न हो। कहा कि पंचायत चुनाव लोकतंत्र की जमीनी व्यवस्था का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। सभी विभागों को अलर्ट मोड पर रखा गया है और निष्पक्ष, शांतिपूर्ण एवं पारदर्शी मतदान कराना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है।