भानुपल्ली स्टेशन पर पहले चरण में सिग्नल, रूट और पॉइंट की जांच पूरी
सॉफ्टवेयर अपलोड होने के बाद सिस्टम चालू करने की प्रक्रिया बढ़ेगी आगे
ट्रैक पर ट्रेन खड़ी होने पर सिग्नल न मिलने, स्टेशन मास्टर को ट्रेन आने की सूचना मिलने की व्यवस्था परखी
सरोज पाठक
बिलासपुर। भानुपल्ली-बिलासपुर रेललाइन परियोजना के तहत भानुपल्ली से धरोट तक इसी साल ट्रेन चलाने की तैयारियां तेज हो गई हैं। निर्माण कार्यों के साथ रेल संचालन से जुड़ी तकनीकी जांच भी शुरू हो गई है। भानुपल्ली रेलवे स्टेशन पर इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग प्रणाली के पहले चरण का साइट स्वीकृति परीक्षण सफल रहा है। अब सिस्टम का लॉजिक तैयार करने और सॉफ्टवेयर अपलोड करने की प्रक्रिया पूरी होने के बाद इसे चालू करने की दिशा में काम आगे बढ़ेगा।
रेल विकास निगम लिमिटेड, चंडीगढ़ के संयुक्त महाप्रबंधक (एसएंडटी) जीवन राम शर्मा ने परीक्षण किया। इस दौरान सिग्नल, रेलमार्ग और पॉइंट की कार्यप्रणाली जांची गई। साथ ही, यह भी परखा गया कि ट्रैक पर ट्रेन होने की स्थिति में सिग्नल न मिले और ट्रेन के स्टेशन की ओर आने पर स्टेशन मास्टर को इसकी सूचना प्राप्त हो।
इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग रेलवे की सुरक्षा व्यवस्था का अहम हिस्सा है। यह सिग्नल और ट्रेन के निर्धारित रेलमार्ग के बीच तालमेल सुनिश्चित करती है। स्टेशन पर उपकरणों की फिटिंग पूरी हो चुकी है। अब लॉजिक तैयार होने और सॉफ्टवेयर अपलोड होने के बाद निर्धारित प्रक्रिया के तहत सिस्टम चालू किया जाएगा। हालांकि, इसे शुरू करने की तारीख अभी तय नहीं हुई है।
पुलों, ट्रैक और सुरंगों का निर्माण जारी
उधर, रेल विकास निगम लिमिटेड के प्रिंसिपल एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर (पीडीआई) अनुराग गुप्ता ने हाल ही में परियोजना का निरीक्षण कर निर्माण कार्यों की प्रगति का जायजा लिया। उन्होंने निर्माणाधीन पुल नंबर 12 और 13 का निरीक्षण किया। इसके बाद धरोट से थलू तक करीब 15 किलोमीटर पैदल चलकर विभिन्न स्थानों पर चल रहे कार्यों की समीक्षा की। इस दौरान निर्माण कंपनियों मैक्स और एसपी सिंगला के प्रतिनिधि भी मौजूद रहे। दोनों कंपनियों को 25 अक्तूबर तक निर्धारित कार्य पूरा करने के निर्देश दिए गए।
भानुपल्ली से धरोट तक रेलखंड की लंबाई करीब 21 किलोमीटर है। इसमें से थलू तक छह किलोमीटर ट्रैक तैयार हो चुका है, जबकि आगे निर्माण कार्य जारी है। इस रेलखंड पर पुलों के निर्माण, बैलास्ट बिछाने और सुरंगों से जुड़े काम चल रहे हैं।
25 दिसंबर के बाद फाइनल कमीशनिंग प्रस्तावित
परियोजना के इस हिस्से पर इसी साल ट्रेन पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है। रेललाइन की फाइनल कमीशनिंग 25 दिसंबर के बाद प्रस्तावित है। इससे पहले निर्माण कार्य पूरा करने के साथ ट्रैक और संबंधित तकनीकी प्रणालियों की जरूरी जांच करनी होगी। भानुपल्ली स्टेशन पर इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग का परीक्षण इसी प्रक्रिया का हिस्सा है।
भानुपल्ली से बिलासपुर तक रेललाइन पहुंचाने का लक्ष्य वर्ष 2027 रखा गया है। हाल ही में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जगत प्रकाश नड्डा, मंडी की सांसद कंगना रणौत और राज्यसभा सांसदों ने भी परियोजना की समीक्षा की थी। फिलहाल निर्माण कार्यों में तेजी लाने के साथ रेल संचालन से पहले की तकनीकी तैयारियां आगे बढ़ाई जा रही हैं।