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Bilaspur News: टिहरी क्लस्टर में अनार की बहार, फसल ने बदली 45 किसानों की किस्मत

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बरठीं स्थित टिहरी क्लस्टर में लहलहा रही है अनार की फसल और मौजूद बागवान। स्रोत: डीपीआरओ
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100 बीघा में फैले क्लस्टर में इस बार 70 मीट्रिक टन उत्पादन का लक्ष्य, अब तक पांच मीट्रिक टन अनार बिक चुका
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पिछले साल किसानों ने करीब 32 लाख का अनार बेचा, 15-16 लाख रुपये रही शुद्ध आय

संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। झंडूता विकास खंड के बरठीं स्थित टिहरी क्लस्टर में एचपी शिवा परियोजना के तहत विकसित अनार के बगीचे इन दिनों फलों से लहलहा रहे हैं। करीब 100 बीघा भूमि में फैले इस क्लस्टर में 45 किसान अनार की खेती से जुड़कर अपनी आर्थिकी मजबूत कर रहे हैं। इस वर्ष यहां करीब 70 मीट्रिक टन अनार उत्पादन का लक्ष्य रखा गया है। किसान अब तक करीब पांच मीट्रिक टन अनार बाजार में अच्छे दामों पर बेच चुके हैं। टिहरी-एक और टिहरी-दो में वर्ष 2021 में फ्रंट लाइन डेमोंस्ट्रेशन के तौर पर करीब दो हेक्टेयर क्षेत्र में अनार के पौधे लगाए गए थे। वर्ष 2022 में इसका विस्तार करते हुए क्षेत्र को नौ हेक्टेयर तक बढ़ाया गया और 45 किसानों को जोड़कर क्लस्टर के रूप में विकसित किया गया। यहां भगवा किस्म के 8555 पौधे लगाए गए हैं। गत वर्ष खराब मौसम और भारी बारिश के बावजूद क्लस्टर से करीब 32 मीट्रिक टन अनार का उत्पादन हुआ। किसानों ने करीब 32 लाख रुपये का अनार रिलायंस, स्थानीय मंडी और सीधे ग्राहकों को बेचा। इससे किसानों को करीब 15 से 16 लाख रुपये की शुद्ध आय हुई। इस वर्ष बेहतर फसल की उम्मीद है।
सिंचाई से सुरक्षा तक मिल रही सुविधा
लाभार्थी किसान प्रेम लाल नड्डा ने बताया कि शिवा परियोजना के तहत बागवानों को बगीचे विकसित करने से लेकर सिंचाई और सुरक्षा तक विभिन्न सुविधाएं मिल रही हैं। बागवानी और जल शक्ति विभाग के सहयोग से भूमि विकास, बेड और पिट निर्माण, सोलर बाड़बंदी, ड्रिप सिंचाई और उठाऊ सिंचाई परियोजना के माध्यम से पानी की व्यवस्था की गई है।
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इस बार भी पैदावार बेहतर
किसान राजेंद्र पाल ने बताया कि उनके करीब दो हजार अनार के पौधे क्लस्टर में लगे हैं। पिछले वर्ष अच्छी फसल हुई थी और इस बार भी पैदावार बेहतर है। उन्होंने बताया कि सिंचाई व्यवस्था के लिए सरकार की ओर से करीब तीन से चार करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं। ड्रिप इरिगेशन के माध्यम से पौधों को खाद और दवाइयां भी दी जा रही हैं। उन्होंने युवाओं से बागवानी से जुड़ने का आह्वान किया।
शिवा परियोजना के दूसरे चरण में नए फल क्लस्टर
उपनिदेशक बागवानी डॉ. जगदीश चंद वर्मा ने बताया कि शिवा परियोजना के प्रथम चरण में बिलासपुर जिले में 357 हेक्टेयर क्षेत्र में स्वीट ऑरेंज, अमरूद, लीची और जापानी फल के क्लस्टर स्थापित किए जा चुके हैं या कार्य अंतिम चरण में है। टिहरी क्लस्टर जिले का एकमात्र अनार क्लस्टर है और इस वर्ष यहां करीब 70 मीट्रिक टन अनार उत्पादन की उम्मीद है। उन्होंने बताया कि परियोजना के दूसरे चरण में ब्लूबेरी, एवोकाडो, मैकाडामिया नट और ड्रैगन फ्रूट के क्लस्टर विकसित किए जाएंगे। अब इन्हें 10 हेक्टेयर के बजाय तीन हेक्टेयर क्षेत्र में भी स्थापित किया जा सकेगा।
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किसानों की आर्थिकी मजबूत करना प्राथमिकता : डीसी
उपायुक्त राहुल कुमार ने कहा कि सरकार किसानों और बागवानों की आर्थिकी मजबूत करने के लिए विभिन्न योजनाएं चला रही है। शिवा परियोजना के माध्यम से जिले के किसान आर्थिक रूप से सशक्त हो रहे हैं। उन्होंने किसानों और बागवानों से सरकार की योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ उठाने का आह्वान किया।
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