सड़क हादसे में मौत और सबूत मिटाने के आरोपों में था कोर्ट से वांटेड
पेशी पर न आने के चलते 2016 को सीजेएम बिलासपुर ने घोषित किया था भगोड़ा
सदर थाना में 2005 में दर्ज हुआ था लापरवाही से वाहन चलाकर दुर्घटना का मामला
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। थाना सदर बिलासपुर में दर्ज एक पुराने सड़क हादसे के मामले में करीब नौ साल से फरार चल रहे कोर्ट से भगोड़े आरोपी को पुलिस की विशेष टीम ने पंजाब से गिरफ्तार कर लिया। आरोपी की गिरफ्तारी बरनाला बाईपास से की। लंबे समय से जारी पीछा और लगातार निगरानी के बाद पुलिस को यह कामयाबी मिली।
भगोड़े आरोपी हरबंस सिंह निवासी बमियां कलां, ताजपुर रोड, लुधियाना (पंजाब) के खिलाफ थाना सदर बिलासपुर में 2005 में मामला दर्ज हुआ था। यह केस एक सड़क दुर्घटना से जुड़ा था। आरोप है कि उसके तेज व लापरवाही से वाहन चलाने से हादसा और व्यक्ति की मौत हो गई।
हादसे के बाद आरोपी पर सबूतों को छुपाने का भी संदेह पाया गया था। आरोपी पर लापरवाही से वाहन चलाकर दुर्घटना करना, लापरवाही के कारण किसी व्यक्ति की मौत होने, घटना के सबूत मिटाना या छुपाने के तहत केस दर्ज किया गया था। मामले की सुनवाई के दौरान आरोपी कोर्ट में उपस्थित नहीं होता था, जिसके चलते 19 दिसंबर 2016 को सीजेएम बिलासपुर ने उसे भगोड़ा घोषित कर दिया था। लंबे समय से आरोपी की लोकेशन पता करने में पुलिस को कई चुनौतियों का सामना करना पड़ा। लगातार ट्रैकिंग, तकनीकी मदद और इनपुट जुटाने के बाद पुलिस टीम आरोपी तक पहुंचने में सफल रही। 4 दिसंबर 2025 को देर रात करीब 10:10 बजे,पुलिस टीम ने पंजाब के बरनाला बाईपास रोड पर संदिग्ध गतिविधि के आधार पर दबिश दी और हरबंस सिंह को पकड़ लिया।
गिरफ्तारी करने वाली टीम में हेड कांस्टेबल पंकज कुमार, हेड कांस्टेबल रवि कुमार, हेड कांस्टेबल राकेश कुमार,कांस्टेबल मनीष कुमार शामिल रहे। इनकी संयुक्त कार्रवाई से पुलिस एक लंबे समय से लंबित चल रहे केस में अंतिम सफलता तक पहुंची। डीएसपी मुख्यालय मदन धीमान ने कहा कि विशेष टीम ने भगोड़े को गिरफ्तार कर थाना को सौंप दिया है।