संवाद न्यूज एजेंसी
घुमारवीं (बिलासपुर)। देश को नरेंद्र मोदी सरकार द्वारा पीएम विश्वकर्मा योजना प्रारंभ करने से पारंपरिक और ग्रामीण कारीगरों के हुनर को नई दिशा और गति मिलेगी। केंद्र सरकार द्वारा प्रारंभ की गई इस योजना से देश के लाखों कारीगर लाभान्वित और कुशल होंगे। पीएम विश्वकर्मा योजना से भारत को पारंपरिक कला और कारीगरों को अपने हुनर और प्रतिभा को विश्व भर में दिखाने के अवसर प्राप्त होंगे।
भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता महेंद्र धर्माणी ने कहा कि इस योजना से मोदी सरकार विश्वकर्मा साथियों के सामर्थ्य और समृद्धि बदलने के लिए सहयोगी साबित होगी। हजारों वर्ष की अपने देश की पारंपरिक तकनीक और कुशलता के संरक्षण और संवर्धन के लिए यह योजना मददगार और सहायक सिद्ध होगी। कहा कि इस योजना में 18 अलग-अलग तरह के काम करने वाले विश्वकर्मा (कारीगरों) को शामिल करके लाभ देने की योजना केंद्र सरकार ने प्रारंभ की है। इस योजना के अंतर्गत ग्रामीण क्षेत्रों में रहकर अपने हुनर से अपनी कला की परंपरा का संरक्षण करने वाले बढ़ई, लोहार, सुनार, कुम्हार, मूर्तिकार, धोबी, राज मिस्त्री, माला बनाने वाला, कपड़े का काम करने वाला अन्य लोगों को शामिल करने का निर्णय ऐतिहासिक है। जो सामान इन विश्वकर्मा (कारीगरों) द्वारा बनाया जाएगा उसको ब्रांडिंग और पैकेजिंग से लेकर मार्केटिंग में भी सरकार सब प्रकार का सहयोग करेगी। पीएम विश्वकर्मा योजना 'वोकल फॉर लोकल ' को मजबूती प्रदान करेगी तथा भारत की परंपरा और हुनर को संरक्षण प्रदान करके देश की आर्थिकी को सुदृढ़ करेगी।