श्री नयना देवी जी मंदिर में माथा टेकने के लिए कतारों में खड़े श्रद्धालु। संवाद
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श्री नयनादेवी जी (बिलासपुर)। विश्वविख्यात शक्तिपीठ श्रीनयना देवी जी में गुप्त नवरात्र की अष्टमी पर वीरवार को करीब 8,000 श्रद्धालुओं ने माथा टेका। वहीं श्रावण अष्टमी मेले को लेकर प्रशासन ने तैयारियां की शुरू कर दी हैं। प्रशासनिक अधिकारियों की टीम ने शहर का निरीक्षण किया। श्री नयनादेवी जी मंदिर में श्रावण अष्टमी मेले 29 जुलाई से 6 अगस्त तक मनाए जाएंगे।
प्रशासनिक अधिकारियों की एक टीम ने श्री नयनादेवी जी शहर का निरीक्षण किया। उपमंडल अधिकारी एवं मंदिर न्यास के अध्यक्ष राजकुमार ठाकुर की अगुवाई में टीम ने मेलों के दौरान लंगरों के स्थान के बारे में निरीक्षण किया। मेलों में श्री नयनादेवी जी शहर में श्रद्धालु और सामाजिक संस्थाएं करीब 70 लंगर लगाते हैं। मंदिर न्यास के अध्यक्ष राजकुमार ठाकुर ने बताया कि श्रावण अष्टमी मेले के प्रबंधों को लेकर प्रशासन ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। हर पहलू को पूरी बारीकी से जांचा जा रहा है। असुरक्षित जगहों पर लंगर लगाने की अनुमति नहीं दी जाएगी। श्रद्धालुओं की सुरक्षा प्राथमिकता है।
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श्रद्धालुओं ने किया माता का अष्टमी पूजन
आषाढ़ मास के शुक्ल पक्ष के गुप्त नवरात्र की अष्टमी धूमधाम से मनाई गई। श्रद्धालुओं ने पूजा-अर्चना और हवन-यज्ञ के साथ अष्टमी पूजन किया। पंजाब, हिमाचल, हरियाणा, दिल्ली और अन्य प्रदेशों से करीब 8,000 श्रद्धालु अष्टमी पूजन के लिए मां के दरबार में पहुंचे। श्रद्धालुओं ने माता का अष्टमी पूजन किया। साथ ही घर-परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की। पुजारी रमाकांत के अनुसार माताजी के अष्टमी पूजन का विशेष महत्व है। अष्टमी का दिन मां का सर्वप्रिय है। अष्टमी के दिन माता को कड़ाह प्रसाद का भोग लगाया जाता है। गुप्त नवरात्रों के दौरान श्रद्धालुओं के पहुंचने का क्रम जारी है। मंदिर न्यास की ओर से पुख्ता बंदोबस्त किए गए हैं।