बिलासपुर। एनडीए की परीक्षा में बैठने की अनुमति के निर्णय पर जिले की बेटियां काफी उत्साहित हैं। बेटियों को कहना है कि वे भी देश की सुरक्षा का जज्बा रखती हैं। वहीं, सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले से बेटियों को एनडीए की परीक्षा में प्रतिभा को निखारने का मौका मिलेगा। बेटियों का कहना है कि इस फैसले से बेटियों के हौसलों को पंख लगेंगे।
अंशिका का कहना है कि लिंग के आधार पर एनडीए में लड़कियों का शामिल न होना संविधानिक रूप से उचित नहीं था, अब सुप्रीम कोर्ट ने लड़कियों के पक्ष में एक अच्छा फैसला लिया है।
कृतिका का कहना है कि बेटियां भी देश की सुरक्षा का जज्बा रखती हैं। देश में लड़का और लड़कियां एक समान हैं। इसलिए अधिकार भी समान होना जरूरी है। उन्होंने कहा कि वे इस फैसले से काफी उत्साहित हैं।
इंदु का कहना है कि पहले यह परीक्षा सिर्फ लड़कों के लिए ही थी, लेकिन अब लड़कियां भी इस परीक्षा को दे पाएंगी। इसलिए फैसले से वे बहुत खुश हैं। अब लड़कियां भी एनडीए परीक्षा में अपनी प्रतिभा को निखार पाएंगी। कामिनी का कहना है कि एनडीए परीक्षा पास कर सेना में एक बड़े ओहदे पर काम करने का मौका मिलता है। लड़कियों को भी सेना में जाने के लिए अन्य परीक्षाओं के जरिये देश सेवा का मौका मिलता है, लेकिन एनडीए में पहले लड़कियों के लिए एंट्री नहीं थी। अब लड़कियों के लिए भी एनडीए के जरिये सेना में जाने के द्वार खोल दिए हैं। वहीं, वनिता ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले ने बेटियों के हौसलों को नए पंख लगेंगे। अब लड़कियां भी एनडीए परीक्षा पास कर सेना का प्रतिनिधित्व करेंगी।
कृतिका।- फोटो : BILASPUR