जिला की दो विधानसभाओं को जोड़ने वाली भगेड़-गेहड़वीं वाया औहर बड़ोआ सड़क की टारिंग डेढ़ वर्ष के भीतर ही उखड़ने पर ग्रामीणों ने सड़क पर उतरकर प्रदर्शन किया। स्थानीय लोगों ने इस मौके पर सड़क टारिंग की गुणवत्ता पर सवाल उठाते हुए जमकर नारेबाजी भी की।
ग्रामीणों के अनुसार हालत ऐसी है कि सड़क की दयनीय हालत लोगों के लिए सिर दर्द बन चुकी है। हालत ऐसी है कि यहां वाहन चलाना तो दूर की बात पैदल चलना भी मुश्किल है। इसको लेकर शनिवार को गुस्साए ग्रामीणों ने बरसंड में जमकर प्रदर्शन किया। वहीं लोगों ने फैसला लिया है कि 12 जुलाई को मुख्यमंत्री के गेहड़वीं दौरे के दौरान इस संबंध में सीएम वीरभद्र सिंह से मिलकर शिकायत की जाएगी।
पंचायत बरिमियां के उपप्रधान कुलदीप सिंह चंदेल और पूर्व उप प्रधान सूबेदार बलवंत सिंह चंदेल ने बताया कि सड़क पर डेढ़ साल पहले लोक निर्माण विभाग बरठीं की देख रेख में टारिंग हुई थी। उन्होंने आरोप लगाया कि टारिंग में घटिया सामग्री का इस्तेमाल किया गया है, यही वजह है कि साल के भीतर ही सड़क में बड़े-बड़े गड्ढे पड़ चुके हैं।
इसके कारण आज सड़क पूरी तरह से गड्ढों में तब्दील हो चुकी है। सड़क पर रात दिन हजारों वाहनों की आवाजाही रहती है। सड़क की खस्ताहालत के कारण यहां पर हमेशा हादसे का खतरा बना रहता है। 12 जुलाई को ग्रामीणों का एक प्रतिनिधिमंडल पंचायत के उपप्रधान की अध्यक्षता में मुख्यमंत्री से गेहड़वीं में मिलकर पूरी स्थिति से अवगत करवाएगा।
ग्रामीणों ने बताया कि सड़क का निर्माण प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के तहत किया गया है। हैरानी इस बात की है कि कार्य में मापदंड की धज्जियां उड़ाते हुए सड़क का उद्घाटन कर दिया गया।
सड़क के दोनों ओर निकासी नालियां नहीं बनाई गई है। इस वजह से बरसात का पानी सड़क में बहने के कारण साल के भीतर ही हर ओर गड्ढे पड़ गए हैं। प्रभात सिंह चंदेल, सुनीता सुलोचना, नीना, देविका, आरती बबली, संतोष, चंपा, बविता, अंजना, इंद्र सिंह चंदेल, अरुण कुमार, आदर्श चंदेल, राकेश कुमार, घनश्याम सहित अन्य लोग मौजूद रहे।
विभाग के अधिशाषी अभियंता आरके वर्मा से इस बारे में बात की तो उन्होंने बताया की लोगों की समस्या को देखते हुए सड़क की मरम्मत जल्द ही करवा दी जाएगी। उन्होंने साफ किया कि लोगों को किसी भी प्रकार से परेशानी नहीं आने दी जाएगी।