-बोले- मरीजों, गर्भवती महिलाओं को ढाई किलोमीटर लेकर जाना पड़ता है पैदल
-सात माह पहले सड़क के लिए ग्रामीणों ने बंद कर दिया था कई गांवों का पानी
संवाद न्यूज एजेंसी
भराड़ी(बिलासपुर)। जिले की पंतेहड़ा पंचायत के फागत गांव के लोगों ने लोकसभा चुनावों का बहिष्कार करने का फैसला लिया है। सड़क सुविधा से महरूम इस गांव के करीब तीन सौ लोगों ने किसी भी राजनीतिक दल को वोट न देने का एलान किया है। गांव के लोगों के इस फैसले से अब प्रशासन की शत-प्रतिशत वोट करने की मुहिम टूटती नजर आ रही है।
फागत गांव के लोग सड़क सुविधा पाने के लिए काफी समय से मांग करते आ रहे हैं। आज के समय भी यहां गांव के बीमार लोगों, गर्भवती महिलाओं या किसी अन्य आपात स्थिति में मुख्य सड़क तक पहुंचने के लिए मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। करीब दो से ढाई किलोमीटर तक मरीजों को कंधों पर उठाकर मुख्य सड़क तक पहुंचाना पड़ता है। गांव के लोगों का विवाद लंबे समय से चला आ रहा है। हर बार नेताओं से ग्रामीणों को सड़क सुविधा के महज आश्वासन ही मिलते रहे हैं। बताते चलें कि फागत गांव के लिए पहले झंजवानी कस्बे से सड़क सुविधा थी, लेकिन किसी परिवार की निजी भूमि होने के कारण न्यायालय के फैसले के बाद उस परिवार ने सड़क बंद कर दी है। सड़क बंद होने के बाद ग्रामीणों ने सड़क के लिए आवाज उठाई, लेकिन कोई हल न निकला। सड़क का हल न निकलने के बाद फागत गांव के ग्रामीणों ने अपनी-अपनी जमीन से गुजरने वाली पेयजल पाइपों से पानी की सप्लाई बंद कर दी। कई गांव में पानी के लिए हाहाकार मच गया। ग्रामीणों ने कहा कि अगर सड़क नहीं होगी तो उनकी जमीन से पानी की पाइपें भी नहीं जाएंगी।
विवाद बढ़ा, पुलिस प्रशासन मौके पर पहुंचा। आसपास की पंचायतों के प्रतिनिधि व लोगों ने ग्रामीणों के साथ बात की। एक माह के भीतर सड़क सुविधा हो जाने का आश्वासन मिलने के बाद ग्रामीणों ने पेयजल आपूर्ति बहाल कर दी। आश्वासन को भी सात माह हो गए, लेकिन सड़क सुविधा मुहैया नहीं हो पाई है। ग्रामीणों में शामिल वार्ड सदस्य पदमा रनोत, कृष्ण सिंह ठाकुर, रोशन लाल ठाकुर, भगत राम मस्ताना, मदन कुमार, रमेश, भूराराम, देशराज, ब्रह्मानंद, प्रकाश आदि ने कहा कि फागत गांव के लिए सड़क सुविधा न होने के चलते मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। किसी भी सरकार की तरफ से सड़क सुविधा न देने के बाद अब ग्रामीणों ने वोट न देने का फैसला लिया है।
कोट
लोगों से मिलकर उनकी समस्या का समाधान करने का रास्ता निकाला जाएगा। जनता को समझना चाहिए कि वोट बहिष्कार किसी भी समस्या का हल नहीं है। जनता की समस्याओं को दूर करना प्रशासन का प्रमुख दायित्व है। इस संबंध में ग्रामीणों से मिलकर उनसे बात की जाएगी।
- गौरव चौधरी,एसडीएम घुमारवीं