नोग, कुआग गांव के लोग क्षतिग्रस्त घरों के मुआवजे की उठा रहे मांग
अप्रैल और दिसंबर में भी कई दिनों तक दे चुके हैं धरना
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। कंपन से घरों में दरार आने और मांगे नहीं माने जाने पर गुस्साए उपमंडल सदर के नोग और कुआग गांव के लोगों ने भानुपल्ली-बैरी रेल लाइन की बध्यात में बन रही टनल नंबर-17 का काम फिर से रोक दिया है। इन गांव के प्रभावित लोग पांच दिन से टनल के बाहर धरना दे रहें है।
वीरवार को एसडीएम सदर डॉ. राजदीप सिंह ने मौके पर जाकर धरना दे रहे लोगों से बात भी की थी। उन्हें समस्या के समाधान करने का आश्वासन भी दिया, लेकिन लोग मुआवजे देने या नए घर बनाने की मांग पर अड़े हुए हैं। उन्होंने शुक्रवार को भी टनल का काम बंद करा कर धरना जारी रखा। नोग गांव के ग्रामीण रामलाल, सावित्री देवी, गरजा राम और सुरेंद्र आदि ने बताया कि टनल के निर्माण के दौरान हो रहे कंपन की वजह से उनके घर पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो चुके हैं। वह रहने योग्य नहीं रहे हैं। आगे बरसात आने वाली है। बारिश में कोई हादसा भी हो सकता है। उन्होंने मांग की कि इन घरों को डैमेज घोषित किया जाए और मुआवजा दिया जाए। अप्रैल में भी उन्होंने आठ दिन तक धरना दिया था। तत्कालीन उपायुक्त और एसडीएम के साथ हुई बैठक में उन्हें 15 दिन में घरों की डैमेज रिपोर्ट बनाने का आश्वासन मिला था, लेकिन करीब दो माह बीत जाने के बाद भी कुछ नहीं हुआ है। मजबूरन उन्हें फिर से धरना-प्रदर्शन करना पड़ रहा है। उन्होंने चेताया है कि यदि जल्द उनकी मांगों को नहीं माना गया तो यह आंदोलन और व्यापक रूप लेगा। बता दें कि टनल-17 बिलासपुर शहर के साथ बध्यात से लेकर नोग गांव के बीच बन रही है। इसका पोर्टल नंबर एक बध्यात में बन रहा है, जिसका काम करीब एक साल पहले शुरू हो गया था। वहीं, नोग गांव में बन रहे पोर्टल नंबर-दो का निर्माण दिसंबर में शुरू हुआ है। ग्रामीणों ने दिसंबर में भी मांगों को लेकर टनल का निर्माण बंद कराया था।