जिला संयोजक ने धरना में शामिल होने का किया आह्वान
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। हिमाचल प्रदेश पेंशनर्स संयुक्त संघर्ष समिति के जिला संयोजक चेत राम वर्मा ने कहा है कि पेंशनरों के लिए बजट निराशाजनक साबित हुआ है। उन्होंने बजट को पेंशनर विरोधी, दिशाहीन और विकासहीन बताया। उन्होंने कहा कि इसमें पेंशनरों की लंबित आर्थिक देनदारियों के भुगतान के लिए कोई समयबद्ध प्रावधान नहीं है। इससे प्रदेश भर के पेंशनरों में भारी नाराजगी है।
वर्मा ने कहा कि यह पहली बार है जब बजट में पेंशनरों और कर्मचारियों को देय 13 प्रतिशत महंगाई भत्ता और अन्य लंबित देनदारियों के भुगतान को लेकर कोई चर्चा तक नहीं की गई। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की वित्तीय कुप्रबंधन के कारण पेंशनरों के आर्थिक लाभों को फ्रीज करने की स्थिति बनती दिख रही है। उनका कहना है कि पहले मंत्रियों, विधायकों और विभिन्न पदों पर बैठे लोगों के वेतन-भत्ते बढ़ाए गए और अब मामूली कटौती कर वित्तीय संकट का हवाला दिया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि पेंशनरों के हकों को लेकर 30 मार्च को शिमला के चौड़ा मैदान में धरना-प्रदर्शन किया जाएगा। इसमें जिले के संगठनों के पदाधिकारी और बड़ी संख्या में पेंशनर भाग लेंगे। उन्होंने कहा कि सरकार की ओर से पेंशनरों के हितों की लगातार अनदेखी की जा रही है, जिससे उनमें रोष बढ़ता जा रहा है। उन्होंने कहा कि 13 प्रतिशत महंगाई भत्ता नहीं मिलने से हर पेंशनर को हर महीने करीब चार हजार से 12 हजार रुपये तक कम पेंशन मिल रही है। वहीं एचआरटीसी और कॉरपोरेट सेक्टर के कई पेंशनरों को समय पर पेंशन नहीं मिल पा रही, जिससे उन्हें आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। बिजली बोर्ड कर्मचारियों के लिए पुरानी पेंशन योजना बहाली का मुद्दा भी अभी लंबित है। जिला संयोजक ने पेंशनरों से अपील की कि वे किसी भी तरह के भ्रामक प्रचार से बचें और 30 मार्च को शिमला में प्रस्तावित धरना-प्रदर्शन में अधिक से अधिक संख्या में शामिल हों।