घुमारवीं क्षेत्र में पिछले कुछ दिनों के दौरान नाबालिग लड़कियों के घर से गायब होने अथवा भाग जाने के मामलों में लगातार बढ़ोतरी ने पुलिस के साथ-साथ अभिभावकों की भी चिंता बढ़ा दी है। पुलिस थाना घुमारवीं में हाल ही में सात से अधिक ऐसे मामले दर्ज हुए हैं, जिनमें अधिकतर लड़कियां नाबालिग बताई जा रही हैं। इनमें कुछ स्थानीय परिवारों की बेटियां हैं तो कुछ प्रवासी परिवारों से संबंधित हैं।
पुलिस ने सक्रियता दिखाते हुए कई मामलों में सफलता भी हासिल की है। पुलिस की लगातार कार्रवाई के चलते कुछ लड़कियों को सुरक्षित ढूंढ भी निकाला है। जानकारी के अनुसार एक लड़की को कोलकाता से एक युवक के साथ पाया गया। जबकि दो अन्य लड़कियों को चंडीगढ़ से खोज निकाला गया। इसके बावजूद लगातार सामने आ रहे ऐसे मामलों ने पूरे क्षेत्र में चिंता का माहौल पैदा कर दिया है। पिछले कुछ समय में जिस तेजी से लड़कियों के लापता होने या घर छोड़ने की घटनाएं सामने आई हैं, उसने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। आखिर ऐसी कौन-सी परिस्थितियां बन रही हैं, जिनके कारण नाबालिग लड़कियां घर छोड़ने जैसे कदम उठा रही हैं? क्या इसके पीछे सोशल मीडिया का प्रभाव है, गलत संगति है, या फिर पारिवारिक और सामाजिक परिस्थितियां इसकी वजह बन रही हैं? इन सवालों के जवाब तलाशना अब समाज और प्रशासन दोनों के लिए चुनौती बनता जा रहा है।
इन घटनाओं के बाद क्षेत्र के अभिभावकों में डर और असुरक्षा की भावना बढ़ने लगी है। माता-पिता अपने बच्चों पर पहले से अधिक नजर रखने लगे हैं, लेकिन जिन परिवारों के माता-पिता रोजी-रोटी के लिए सुबह घर से निकल जाते हैं, उनके सामने सबसे बड़ा सवाल यही है कि वे घर पर रह रही बेटियों की निगरानी कैसे करें। यही कारण है कि अब कई परिवारों में बच्चों की सुरक्षा और भविष्य को लेकर चिंता गहराती जा रही है।