पांच लाख के सुपरदारी बॉन्ड पर वारिसों को सौंपी जाएगी गाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। एनडीपीएस एक्ट के तहत दर्ज मामले में पुलिस द्वारा जब्त की गई स्विफ्ट कार को अदालत ने शर्तों के साथ रिलीज करने के आदेश दिए हैं। विशेष न्यायाधीश घुमारवीं की अदालत ने वाहन मालिक की मृत्यु के बाद उसके कानूनी वारिसों की ओर से दायर याचिका स्वीकार करते हुए कार को सुपरदारी पर सौंपने की अनुमति दी है।
मामला थाना घुमारवीं में दर्ज एफआईआर से जुड़ा है। पुलिस ने 17 मार्च 2026 को एनडीपीएस एक्ट के तहत दर्ज मामले में स्विफ्ट कार को कब्जे में लिया था। वाहन के पंजीकृत मालिक निवासी रोहतक, हरियाणा का 25 मार्च 2026 को निधन हो गया था। इसके बाद उनके बेटे और पत्नी ने अदालत में वाहन रिलीज करने की अर्जी दायर की। याचिका में कहा गया कि मामले की जांच पूरी हो चुकी है और वाहन अब जांच के लिए जरूरी नहीं है। लंबे समय तक पुलिस कब्जे में रहने से वाहन की हालत खराब होने और उसकी कीमत घटने की आशंका जताई गई। वहीं, पुलिस ने वाहन को दोबारा अपराध में इस्तेमाल किए जाने की संभावना का हवाला देते हुए रिलीज का विरोध किया। अदालत ने आदेश में कहा कि रिकॉर्ड में ऐसा कोई तथ्य नहीं है जिससे यह साबित हो कि वाहन पहले किसी अन्य मामले में इस्तेमाल हुआ हो। अदालत ने माना कि लंबे समय तक वाहन पुलिस कब्जे में रहने से उसकी उपयोगिता और कीमत प्रभावित होगी।
अदालत ने वाहन को विशेष पावर ऑफ अटॉर्नी धारक के सुपुर्द करने के आदेश दिए हैं। इसके लिए पांच लाख रुपये के सुपरदारी बॉन्ड और समान राशि की एक जमानत देने की शर्त लगाई गई है। अदालत ने यह भी स्पष्ट किया है कि जरूरत पड़ने पर वाहन को कोर्ट या पुलिस के समक्ष पेश करना होगा तथा वाहन का रंग, स्वरूप और पंजीकरण नंबर नहीं बदला जाएगा।