अधिकारों की लड़ाई लड़ रहे भूतपूर्व सैनिकों और ट्रक आश्रित ऑपरेटरों की हड़ताल सोमवार को छठे दिन भी जारी रही। छह दिनों तक उम्मीद की कोई किरण दिखाई नहीं देने के कारण सोमवार को भूतपूर्व सैनिकों ने सैकड़ों ट्रक ऑपरेटरों और स्थानीय लोगों सहित निगम कार्यालय से बरमाणा चौक तक रोष रैली निकाली।
इस दौरान उन्होंने निगम प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी करके अपना गुस्सा जाहिर किया। समिति संयोजक तिलकराज ठाकुर ने कहा कि निगम प्रशासन की बदौलत जहां ट्रक ऑपरेटर बर्बादी की कगार पर खड़े है, वहीं एसीसी कंपनी और सरकार को भी करोड़ों रुपयों का नुकसान सहन करना पड़ रहा है।
लेकिन निगम के सीएमडी के तानाशाही रवैये में कोई बदलाव नहीं है। ट्रक ऑपरेटरों की हड़ताल का न ही निगम प्रशासन पर और न ही जिला प्रशासन और हिमाचल सरकार पर कोई असर हो रहा है।
भूतपूर्व सैनिक अपने अधिकारों की लड़ाई लड़ रहे हैं, लेकिन उनकी हर जगह अनदेखी हो रही है। संघर्ष समिति के पदाधिकारियों ने कहा कि ऑपरेटरों के इतने दिन के आंदोलन के पश्चात भी निगम प्रशासन टस से मस नहीं हुआ है। बिलासपुर जिले की अनदेखी का रवैया निगम प्रशासन पिछले कई वर्षों से चला आ रहा है।
इसे बिलासपुर के ऑपरेटर अब सहन नहीं करेंगे। अपने अधिकारों की लड़ाई लड़ रहे बिलासपुर के ऑपरेटर तब तक अपनी लड़ाई जारी रखेंगे, जब तक उनके हक नहीं मिल जाता।
ऑपरेटरों ने कहा कि हिमाचल के हर जिले के ऑपरेटरों के लिए स्थाई रोजगार की व्यवस्था है लेकिन बिलासपुर में एकमात्र एसीसी प्लांट होने के बावजूद जिले के भूतपूर्व सैनिक ट्रक ऑपरेटरों को स्थाई रोजगार से वंचित रखा गया है। सभी ऑपरेटरों ने न्याय के लिए मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह से गुहार लगाई है।
इस मौके पर सीताराम शर्मा, गणपत ठाकुर, बलदेव सिंह, श्यामलाल, राम सिंह, तिलकराज ठाकुर, अजय महाजन, संजय जोशी, राकेश चंदेल और रणवीर सहित सैकड़ों ऑपरेटर मौजूद थे ।