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पूर्व सैनिकों ने निकाली रैली, भेजा ज्ञापन

Mon, 08 Feb 2016 08:04 PM IST
ब्यूरो/ अमर उजाला, बिलासपुर।
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पूर्व सैनिकों ने 2006 से 23 सितंबर 2012 तक का बकाया एरियर राशि का भुगतान न होने पर रोष जताया है। पूर्व सैनिकों ने पूर्व सैनिक कल्याण समिति के बैनर तले सोमवार को रक्षा लेखा प्रधान नियंत्रक पेंशन द्रोपदी धात इलाहबाद के विरोध में युद्ध स्मारक से लेकर उपायुक्त कार्यालय तक रैली निकाली।
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पूर्व सैनिकों ने उपायुक्त मानसी सहाय ठाकुर के माध्यम से रक्षा लेखा प्रधान (पेंशन) द्रोपदी धात इलाहाबाद को ज्ञापन भेजा। इस दौरान पूर्व सैनिकों ने चेताया कि यदि 31 मार्च तक बकाया राशि नहीं दी गई, तो पूर्व सैनिक कल्याण समिति को मजबूरन आंदोलन का रास्ता इख्तियार करना पड़ेगा।  

रैली से पूर्व सैनिकों ने युद्ध स्मारक पर पहुंचकर शहीदों के लिए दो मिनट का मौन रखकर श्रद्धाजंलि अर्पित की। उन्होंने रोष जताया कि करीब छह माह बाद भी पचास फीसदी पूर्व सैनिकों को यह लाभ नहीं मिल पाया।
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समिति के प्रदेश अध्यक्ष सूबेदार प्रकाश चंद ने कहा कि पूर्व सैनिकों को बकाया राशि का भुगतान करने के लिए डीपीडीओ सेना के सभी कार्यालय राज्य सैनिक बोर्ड, बैंक को दीवाली तक बकाया राशि देने के निर्देश दिए गए थे। लेकिन प्रदेश के करीब 50 फीसदी सैनिकों को यह राशि मिल पाई है।

वह भी कुल राशि का लगभग चौथा हिस्सा है। इससे प्रदेश के 1,32, 944 पूर्व सैनिकों को लाभ मिलना था। जबकि इससे देशभर के लगभग 25 लाख एवं पांच लाख वीर नारियों को बकाया एरियर राशि का भुगतान होना था। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार के रक्षा मंत्रालय ने देशभर के पूर्व सैनिकों को गुमराह किया है।

प्रदेश के ही करीब डेढ़ लाख पूर्व सैनिक गुमराह हुए हैं। वहीं, केंद्र सरकार ने तो वन रैंक वन पेंशन के निर्देश भी दिए हैं। लेकिन अभी तक पूर्व सैनिकों को एरियर राशि ही नहीं मिल पाई है।

तो वन रैंक वन पेंशन का लाभ तो कोसों दूर हैं। प्रकाश चंद ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार के रक्षा मंत्रालय को जनवरी 2006 से 23 सितंबर 2012 तक के भुगतान के लिए निर्देश जारी किए थे।

उन्होंने केंद्र सरकार से आग्रह किया है कि पूर्व सैनिकों को एरियर राशि का भुगतान एकमुश्त किश्त में किया जाए। इस दौरान कैप्टन भाग सिंह, नरेंद्र सिंह, योगेंद्र जम्वाल, बाबू राम, जोगेंद्र सेन, अमरनाथ, धनीराम, कांशी राम, पृथ्वी चंद गुलेरिया, योगेंद्र पाल, रूप सिंह, कैप्टन सुरेंद्र कुमार, राम लाल, जोगेंद्र सिंह, करतार सिंह, जीत राम, बलदेव, रामानंद, ईश्वर सिंह, जगजीत सिंह, हरि सिंह, ज्ञान चंद, चुन्नीलाल, दौलत राम, बुद्धि सिंह, लच्छूराम, जगदीश, शिव सिंह, नाहर सिंह, देशराज, सुरेश शर्मा, तथा तुलसी राम सहित काफी संख्या में पूर्व सैनिक मौजूद थे।
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