फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

बरमाणा में रुके ट्रकों पहिये, एसीसी में डिमांड ठप

Mon, 04 Apr 2016 11:52 PM IST
ब्यूरो/ अमर उजाला, बरमाणा (बिलासपुर)।
विज्ञापन
ध्‍ारना - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन
एसीसी सीमेंट कारखाना में सीमेंट ढुलाई का मालभाड़ा घटाने पर ट्रक ऑपरेटर बिफर गए हैं। बीडीटीएस और भूतपूर्व सैनिक एवं आश्रित ट्रक ऑपरेटरों ने इस पर तल्खी जताई है। सोमवार को विरोध स्वरूप बरमाणा में एसीसी की डिमांड पूरी तरह से बंद रही।
विज्ञापन


इससे करीब चार हजार ट्रकों के पहिये थम गए हैं। बीडीटीएस प्रबंधन ने भी समझौते के अनुसार किराया नहीं घटाने पर एसीसी के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। बीडीटीएस ने दो टूक चेतावनी दी है कि जब तक घटाया गया किराया नहीं बढ़ा, तब तक डिमांड नहीं होगी। इस वजह से सोमवार को सीमेंट, क्लिंकर और अन्य ढुलाई भी नहीं हो पाई। एसीसी और बीडीटीएस प्रबंधन के बीच हुई बैठक में कंपनी के घाटे हवाला देते हुए मालभाड़ा घटाया गया था। बैठक में छह प्रतिशत पहाड़ी जबकि दस प्रतिशत किराया मैदान इलाकों में कम करने पर सहमति बनी थी।

लेकिन, बैठक के बाद किराये में इसके अनुरूप कटौती नहीं हुई। बल्कि अधिक किराया घटाया गया। सोमवार सुबह ही डिमांड हॉल में ऑपरेटरों की भीड़ जुटनी शुरू हुई। सैकड़ों ऑपरेटर इकट्ठा हुए और किराया कटौती का पूरी तरह से विरोध करने लगे। ऑपरेटरों ने डिमांड नहीं होने दी तो बीडीटीएस के प्रबंधन के पदाधिकारी भी वहां आए और ऑपरेटरों के हित के लिए उनके साथ संघर्ष करने का फैसला लिया ।
विज्ञापन


उधर, भूतपूर्व सैनिक एवं आश्रित ट्रक ऑपरेटर यूनियन ने भी इसका कड़ा विरोध किया। अब सभी ऑपरेटर एसीसी के खिलाफ संघर्ष पर उतर आए हैं। बीडीटीएस के अनुसार उन्होंने छह से दस प्रतिशत तक तक किराया घटाने पर सहमति जताई थी। जबकि एसीसी प्रबंधन ने 13 ये 16 प्रतिशत तक किराया घटाया है, जो समझौते के अनुरूप नहीं है। बहरहाल, सोमवार डिमांड पूरी तरह से ठप रही। ऑपरेटरों ने साफ किया है कि जब तक घटाए गए मालभाड़े की दरों का वापस नहीं लिया जाता तब तक डिमांड नहीं होगी।

आज डीसी से मिलेंगे ऑपरेटर: रमेश
बीडीटीएस के प्रधान रमेश ठाकुर ने बताया कि मंगलवार को ऑपरेटर उपायुक्त मानसी सहाय ठाकुर से मुलाकात कर अपना पक्ष रखेंगे और उचित कदम उठाने की मांग करेंगे। उन्होंने बताया कि किराये में छह से दस प्रतिशत तक कटौती पर बैठक में सहमति बनी थी। जबकि एसीसी ने 13 से 16 प्रतिशत तक किराया घटा दिया है। उन्होंने कहा कि वह ऑपरेटरों के साथ है। ऑपरेटरों के हितों से खिलवाड़ नहीं होने दिया जाएगा। जब तक घटाई गई दरें वापस नहीं ली जाती डिमांड नहीं होगी।

बीडीटीएस के साथ चलेंगे: वर्मा
बीडीटीएस के पूर्व प्रधान लेखराम वर्मा ने कहा कि ऑपरेटरों ने किराये में की गई कटौती का पूर्ण रूप से विरोध किया है। बीडीटीएस प्रबंधन ने भी ऑपरेटरों के हित के लिए संघर्ष की बात कही है। लिहाजा, किराया किसी भी कीमत में कम नहीं होगा। जो होगा फार्मूले के तहत होगा। बीडीटीएस ऑपरेटरों का साथ देती है तो वह और उनके साथ बीडीटीएस के साथ कंधे से कंधा मिलाकर चलेंगे।

किराये में कटौती तर्कसंगत नहीं: तिलक
भूतपूर्व सैनिक एवं आश्रित ट्रक ऑपरेटर संघर्ष समिति के संयोजक तिलक राज ठाकुर ने कहा कि ऑपरेटरों के किराये में होने वाली पांच सालाना बढ़ोतरी की बजाय किराया घटाना तर्क संगत नहीं है। एक तरफ गाड़ियों का इंधन, टायर, इंश्योरेंस और कलपुर्जे महंगे हुए हैं, तो दूसरी ओर किराया कम किया जा रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें