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बिलासपुर में केंद्रीय विद्यालय खोलने के लिए फिर शुरू हुई प्रक्रिया

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बिलासपुर। कोरोना संकट की वजह से रुकी पड़ी बिलासपुर सदर क्षेत्र के लिए मंजूर केंद्रीय विद्यालय की स्थापना की उम्मीद को एक बार फिर से पंख लगने वाले है। इस प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के लिए एक कमेटी का गठन किया गया। इसके सदस्य सचिव उपनिदेशक उच्च शिक्षा हैं, जबकि एक्सईएन पीडब्ल्यूडी डिवीजन-एक और दो तथा बीडीओ सदर सदस्य बनाए गए हैं। यह केंद्रीय विद्यालय लुहणू कनैतां में दस बीघा भूमि पर स्थापित किया जाएगा। शिक्षा विभाग ने चयनित जमीन का नक्शा और जमाबंदी रिपोर्ट केंद्रीय विद्यालय संगठन को प्रेषित कर दी है। अब जल्द ही साइट विजिट के लिए केंद्रीय विद्यालय संगठन की टीम बिलासपुर आएगी।
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कुछ समय पहले केंद्रीय विद्यालय संगठन की ओर से उपनिदेशक उच्च शिक्षा विभाग बिलासपुर को भेजे गया है। जिसमें जल्द से जल्द औपचारिकताएं पूरी करने के लिए कहा गया है। जिस पर विभाग ने जमीन से संबंधित दस्तावेज भेज दिए गए हैं। उस ओर से फिलहाल केंद्रीय विद्यालय को शुरू करने के लिए 15 कमरों से लैस भवन निशुल्क उपलब्ध करवाने के लिए कहा गया है। अब शिक्षा विभाग ने रेंट फ्री भवन की तलाश शुरू कर दी है, ताकि उसमें अस्थायी तौर पर विद्यालय को शुरू किया जा सके।
यहां बता दें कि लुहणू कनैतां में विभाग अभी दस बीघा जमीन का चयन किया है, जहां सेंटर स्कूल की स्थापना की जाएगी। इस बाबत शिक्षा विभाग की टीम ने स्पॉट विजिट के बाद रिपोर्ट आला अधिकारियों को प्रेषित कर दी थी। केंद्रीय विद्यालय संगठन की ओर से मांगी गई रिक्वायरमेंट को पूरा करने के लिए प्रक्रिया चल रही है। इस विद्यालय के खुलने से विद्यार्थियों को घर के पास उच्च एवं गुणात्मक शिक्षा की सुविधा मिलेगी। घुमारवीं के बाद बिलासपुर को मिलाकर जिला में केंद्रीय विद्यालयों की संख्या दो हो जाएगी।
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बताते चलें कि केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री अनुराग ठाकुर ने कुछ समय पूर्व बिलासपुर जिला प्रशासन को एक पत्र भेजा था। जिसमें केंद्रीय विद्यालय शुरू करने का प्रस्ताव दिया था। इसके लिए प्रशासन ने शहर या फिर आसपास क्षेत्र में उपयुक्त जमीन चयन को लेकर तलाश शुरू की। इस बाबत जिलाधीश राजेश्वर गोयल की ओर से गंभीरता दिखाए जाने के बाद शिक्षा विभाग ने लुहणू कनैतां में जमीन का चयन किया।
हालांकि इससे पहले प्रशासन ने एक दो जगहों पर साइट्स देखी थी। विद्यालय के लिए सबसे उपयुक्त साइट शहर में एचआरटीसी वर्कशॉप के समीप बागवानी विभाग की नर्सरी को माना गया था, मगर इस पर बात नहीं बन सकी। ऐसे में चांदपुर के पास तरेड़ से आगे शिक्षा विभाग ने जमीन का चयन किया और विद्यालय खोलने के लिए उपयुक्त पाया।
राज्य सरकार के माध्यम से तमाम दस्तावेजों सहित पूरी रिपोर्ट प्रेषित होने के बाद केंद्रीय विद्यालय संगठन की एक टीम चयनित भूमि व हायर किए जाने वाले अस्थायी भवन का निरीक्षण करने के लिए आएगी।
कोरोना संकट की वजह से केंद्रीय विद्यालय खोलने के लिए शुरू की गई प्रक्रिया की रफ्तार थम गई थी, लेकिन अब फिर से आगामी कार्यवाही आरंभ की गई है। तय औपचारिकताओं को पूरा किया जा रहा है। इस कार्य के लिए एक कमेटी भी बनाई गई है। -मोहिंद्र कुमार, उपनिदेशक, शिक्षा विभाग (उच्च), बिलासपुर।
घुमारवीं में जमीन की एनओसी का इंतजार
बिलासपुर जिला में इस समय एक केंद्रीय विद्यालय घुमारवीं शहर में कार्यरत है। यह विद्यालय एक किराए के मकान में चल रहा है। हालांकि इस विद्यालय के लिए घुमारवीं शहर के समीप ही जमीन चयनित कर रखी है, लेकिन वन मंत्रालय की एनओसी न मिलने की वजह से प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ पा रही। एनओसी मिलने के बाद ही भवन एवं अन्य आधारभूत ढांचा विकसित करने के लिए कवायद आरंभ की जाएगी। ताजा स्थिति में बिलासपुर में भी एक केंद्रीय विद्यालय खोलने की योजना पर काम शुरू हुआ है। घुमारवीं के बाद अब दूसरा केंद्रीय विद्यालय बिलासपुर में खुलेगा।
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