झंडूता अस्पताल बेहाल, मरीज घंटों कतार में इंतजार करने को मजबूर
नेत्र विशेषज्ञ का पद लंबे समय से खाली, चिकित्सकों के अभाव में मरीज परेशान
संवाद न्यूज एजेंसी
झंडूता(बिलासपुर)। झंडूता विधानसभा क्षेत्र के उपमंडल मुख्यालय स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में डॉक्टरों की भारी कमी लोगों की सेहत पर भारी पड़ रही है। आदर्श अस्पताल का दर्जा प्राप्त इस केंद्र में सरकार ने दस डॉक्टरों के पद स्वीकृत किए हैं, लेकिन फिलहाल स्थायी तौर पर केवल एक डॉक्टर ही सेवाएं दे रहा है।
मरीजों को जांच और उपचार के लिए घंटों कतार में खड़ा रहना पड़ता है। खासकर बुजुर्गों और दूरदराज से आने वाले मरीजों की परेशानी दोगुनी हो जाती है। स्थानीय लोगों का कहना है कि अस्पताल में डॉक्टरों के रिक्त पदों को भरने में सरकार की उदासीनता पर गुस्सा बढ़ रहा है। कई बार ओपीडी में मरीजों की संख्या सैकड़ों पार कर जाती है, जिससे एकमात्र डॉक्टर पर भारी दबाव बनता है और मरीजों को अपनी बारी का इंतजार करने में घंटों लग जाते हैं।
अस्पताल प्रशासन ने अन्य अस्पतालों से डॉक्टरों को प्रतिनियुक्ति पर लाकर अस्थायी राहत देने की कोशिश की है, लेकिन स्थायी नियुक्तियां न होने से समस्या जस की तस बनी हुई है। विशेष रूप से नेत्र विशेषज्ञ का पद लंबे समय से खाली है। इससे लोगों को ड्राइविंग लाइसेंस, दुकान संचालन व अन्य कार्यों के लिए आंखों की जांच करवाने में परेशानी उठानी पड़ रही है।
कोटधार, कलोल, भड़ोलीकलां, मरोतन, जेजवी, बुहाड़, मलराओं, नखलेहड़ा, दाड़ीबाड़ी, गेहड़वीं, समोह, डाहड सहित दूरस्थ क्षेत्रों से रोजाना सैकड़ों मरीज यहां पहुंचते हैं। स्थानीय निवासी श्याम सिंह परमार, बीरबल जम्वाल, सतपाल सिंह, दिनेश कुमार, नीतीश और सुशील ने सरकार से मांग की है कि रिक्त पदों को जल्द भरा जाए।
जिला स्वास्थ्य अधिकारी एवं खंड चिकित्सा अधिकारी झंडूता डॉ. परमिंद्र सिंह ने बताया कि झंडूता आदर्श अस्पताल के लिए दस पद स्वीकृत हैं। रिक्त पदों पर अन्य अस्पतालों से प्रतिनियुक्ति पर डॉक्टरों की सेवाएं ली जा रही हैं। इस संबंध में उच्च अधिकारियों को अवगत करवा दिया गया है।