बच्चों के मानसिक विकास पर रहेगा विशेष फोकस
बचपन के पहले 6 साल-पोषण, पढ़ाई के लिए हैं बेमिसाल रहेगा नारा
मस्तिष्क विकास के लिए शुरुआती 6 साल महत्वपूर्ण, 23 अप्रैल तक चलेगा अभियान
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। जिले में बच्चों के सुनहरे भविष्य और उनके बेहतर स्वास्थ्य को समर्पित आठवां पोषण पखवाड़ा गुरुवार से शुरू हो गया है। 23 अप्रैल तक चलने वाले इस विशेष अभियान का शुभारंभ निदेशालय महिला एवं बाल विकास, हिमाचल प्रदेश, भारत सरकार के सौजन्य से किया गया है। जिला कार्यक्रम अधिकारी नरेंद्र कुमार ने बताया कि जिले के सभी 1111 आंगनबाड़ी केंद्रों में इस पखवाड़े को एक उत्सव के रूप में मनाया जा रहा है।
जिला कार्यक्रम अधिकारी ने वैज्ञानिक तथ्यों का हवाला देते हुए बताया कि बच्चे के मस्तिष्क का लगभग 85 प्रतिशत विकास शुरुआती छह वर्षों में ही हो जाता है, जिसमें पहले 1000 दिन सबसे अहम होते हैं। इसी को केंद्र में रखते हुए इस वर्ष की मुख्य थीम जीवन के पहले छह वर्ष में मस्तिष्क विकास को अधिकतम करना रखी गई है। अभियान का उद्देश्य परिवारों को शिशुओं के शारीरिक विकास के साथ-साथ उनके संज्ञानात्मक विकास के प्रति जागरूक करना है। पखवाड़े के दौरान समुदाय को जोड़ने के लिए कई रचनात्मक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। कार्यक्रम के दौरान पोषण पे चर्चा व पंचायत सभाएं होंगी, जिनमें स्थानीय स्तर पर पोषण और स्वास्थ्य पर संवाद होगा। बच्चों में मोबाइल और टीवी देखने की बढ़ती लत को कम करने के लिए माता-पिता को जागरूक किया जाएगा। 3 से 6 वर्ष के बच्चों के लिए खिलौना निर्माण कार्यशालाएं और खेल गतिविधियां भी होंगी। पारंपरिक तरीके से बच्चों के मानसिक विकास और संस्कारों पर जोर रहेगा। स्थानीय पौष्टिक पकवानों की प्रदर्शनी और कुकिंग कंप्टीशन में होगा। अभियान की पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए सभी गतिविधियों की रिपोर्टिंग जन आंदोलन डैशबोर्ड पर ऑनलाइन की जाएगी। इसके अलावा, गर्भवती महिलाओं के लिए विशेष स्वास्थ्य शिविर और योग सत्रों का भी आयोजन होगा ताकि एक स्वस्थ समाज की नींव रखी जा सके। इस अवसर पर सांख्यिकी सहायक सुनील कुमार, आदर्श शर्मा, सुपरवाइजर हेमलता शर्मा, विवेक, सूरज सहित मिशन शक्ति और पोषण टीम के सदस्य रुचिका ठाकुर, वैशाली, अंकिता, शिल्पा, साक्षी और पूनम शर्मा उपस्थित रहे।