हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड की परीक्षाओं में नकल रोकने के लिए शिक्षा विभाग ने मास्टर प्लान तैयार किया है। इसके तहत विभाग जिला के दस सरकारी स्कूलों के परीक्षा केंद्रों में सीसीटीवी कैमरे लगाने जा रहा है।
इसके लिए बाकायदा प्रपोजल तैयार कर विभाग के आला अधिकारियों के पास भेज दिया गया है। मार्च तक सभी स्कूलों में कैमरे स्थापित कर दिए जाएंगे।
इससे परीक्षा में होने वाली नकल को पूरी तरह से रोका जा सकेगा। हालांकि जिला में और भी कई स्कूल है, जहां पर बोर्ड की परीक्षाएं होती हैं। मगर योजना के प्रारंभिक चरण में दस स्कूलों का चयनित किया गया है।
इन स्कूलों में परीक्षा देने वाले विद्यार्थियों की संख्या ज्यादा हैं तो वहीं नकल को लेकर यह संवेदनशील भी है। इसको देखते हुए इन स्कूलों में योजना के तहत सबसे पहले कवर करने का फैसला लिया गया है।
शिक्षा विभाग के अधिकारियों का कहना है कि पिछले कुछ सालों में नकल करने के मामलों में वृद्धि दर्ज की गई है। इसको देखते हुए विभाग ने प्लान तैयार किया है। कैमरों के लगने से बच्चे बोर्ड की परीक्षा में किसी भी सूरत में नकल नहीं मार सकेंगे। विभाग के मुताबिक अच्छा रिस्पांस मिलने के बाद जिला के सभी स्कूलों में सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे।
लेट आने वाले शिक्षकों पर लगेगी लगाम : इसके अलावा शिक्षा विभाग ने स्कूलों में मनमर्जी से आने वाले शिक्षकों पर भी नकेल कसने का फैसला लिया है। इसके तहत विभाग सभी सरकारी स्कूलों में बायोमीट्रिक मशीनें लगाने जा रहा है। इसमें सभी अध्यापकों की उपस्थिति आनलाइन दर्ज होगी। विभाग की माने तो अगले सत्र से सभी स्कूलों में मशीनें स्थापित कर दी जाएगी। इससे अध्यापकों की स्कूल में लेट पहुंचने की शिकायतों में भी काफी हद तक कमी आएगी।
इन स्कूलों में लगेंगे सीसीटीवी कैमरे
छात्र स्कूल बिलासपुर और घुमारवीं, कन्या स्कूल बिलासपुर व घुमारवीं, सीसे स्कूल भराड़ी, सीसे स्कूल कुठेड़ा, सीसे स्कूल पंजगाईं, सीसे स्कूल बरमाणा, सीसे स्कूल जुखाला और सीसे स्कूल बरठीं के परीक्षा हाल में सीसीटीवी कैमरे स्थापित किए जाएंगे। इनमें से दो स्कूल ऐसे भी हैं, जहां पर विभाग के पास नकल की सबसे ज्यादा शिकायतें आती हैं।
बोर्ड की परीक्षाओं में नकल को रोकने के लिए जिला के दस स्कूलों में सीसीटीवी कैमरे लगाए जा रहे हैं। सभी कैमरों को लगाने का कार्य मार्च तक पूरा कर लिया जाएगा। इसके अलावा अगले सत्र से बायोमीट्रिक मशीनें भी स्कूलों में शुरू हो जाएंगी। इससे अध्यापकों की देरी से पहुंचने की शिकायतों पर भी विराम लगेगा।
रवि जम्वाल, शिक्षा उपनिदेशक उच्च, बिलासपुर।