विश्व एनेस्थीसिया दिवस पर एम्स और डीएवी स्कूल में जागरूकता कार्यक्रम
छाती पर दबाव देने और गले में वस्तु फंसने पर प्राथमिक सहायता की दी जानकारी
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। आपात स्थिति में किसी की जान बचाने के लिए डॉक्टर होना जरूरी नहीं है। सही जानकारी और समय पर की गई कार्रवाई से आम लोग भी किसी की जान बचाने में अहम भूमिका निभा सकते हैं। इसी संदेश के साथ विश्व एनेस्थीसिया दिवस 2026 के अवसर पर एम्स बिलासपुर के एनेस्थीसियोलॉजी एवं क्रिटिकल केयर विभाग ने भारतीय एनेस्थीसियोलॉजिस्ट सोसायटी की पंचरक्षक पहल के तहत जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया।
एम्स के ओपीडी परिसर और डीएवी स्कूल परिसर में आयोजित कार्यक्रम के दौरान लोगों, कर्मचारियों और विद्यार्थियों को आपात स्थिति में जीवन बचाने के जरूरी उपाय बताए गए। नुक्कड़ नाटक और व्यावहारिक प्रदर्शन के माध्यम से जीवनरक्षक कौशल की जानकारी दी गई, ताकि जरूरत पड़ने पर लोग समय रहते प्राथमिक सहायता दे सकें।
कार्यक्रम में बिना मुंह से सांस दिए छाती पर दबाव डालकर जीवनरक्षक सहायता देने, गले में कोई वस्तु फंसने पर प्राथमिक सहायता करने और बेहोश व्यक्ति को सुरक्षित स्थिति में लिटाने के तरीके समझाए गए। इसके अलावा वासोवैगल सिंकोप यानी अचानक रक्तचाप और हृदय गति में बदलाव के कारण होने वाली बेहोशी की स्थिति से निपटने की जानकारी भी दी गई। लोगों को प्राथमिक उपचार किट के महत्व और उसके सही इस्तेमाल के बारे में भी बताया गया।
कार्यक्रम में एम्स बिलासपुर के कार्यकारी निदेशक लेफ्टिनेंट जनरल (डॉ.) दलजीत सिंह, एवीएसएम, वीएसएम (सेवानिवृत्त) सहित संस्थान के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।