घुमारवीं में सीर खड्ड पुल के पास निर्माण पूरा, एनएचएआई की आपत्ति से अटका मामला
100 से अधिक टैक्सी चालकों को स्थायी पार्किंग का इंतजार
संवाद न्यूज एजेंसी
घुमारवीं (बिलासपुर)। पांच लाख रुपये खर्च किए, निर्माण कार्य भी पूरा हो गया, लेकिन टैक्सी चालकों को पार्किंग की सुविधा आज तक नहीं मिली। घुमारवीं में सीर खड्ड पुल के समीप बनाया गया टैक्सी स्टैंड एक साल बाद भी शुरू नहीं हो पाया है। नगर परिषद ने यहां पेवर ब्लॉक लगाने का काम पूरा कर लिया, लेकिन राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) की आपत्ति के बाद मामला अटक गया। ऐसे में 100 से अधिक टैक्सी चालकों को स्थायी पार्किंग की सुविधा मिलने का इंतजार है और उन्हें आज भी सड़क किनारे वाहन खड़े करने पड़ रहे हैं।
विडंबना यह है कि जिस जगह को टैक्सी स्टैंड के रूप में विकसित किया गया, वहां टैक्सी चालकों को सुविधा मिलने के बजाय निजी वाहन और ट्रक खड़े हो रहे हैं। यहां रेत-बजरी उतारने और चढ़ाने का काम भी किया जा रहा है। इससे निर्माण पर खर्च हुई राशि के बावजूद स्टैंड का उद्देश्य पूरा नहीं हो पा रहा है।
घुमारवीं में टैक्सी चालक पिछले करीब दो दशकों से स्थायी टैक्सी स्टैंड की मांग उठा रहे हैं। इस संबंध में कई बार प्रशासन के समक्ष भी मामला उठाया गया। सीर खड्ड पुल के समीप स्टैंड तैयार होने से चालकों को उम्मीद जगी थी कि अब उन्हें सड़क किनारे वाहन खड़े करने की मजबूरी से छुटकारा मिलेगा। इससे शहर की यातायात व्यवस्था में भी सुधार होने की उम्मीद थी, लेकिन निर्माण कार्य पूरा होने के करीब एक साल बाद भी स्टैंड शुरू नहीं हो सका है। स्थायी पार्किंग की सुविधा नहीं मिलने से टैक्सी चालकों को बाजार, दुकानों और मुख्य सड़क के किनारे वाहन खड़े करने पड़ रहे हैं। इससे दुकानदारों के साथ विवाद की स्थिति बनने के अलावा यातायात व्यवस्था भी प्रभावित हो रही है। चालकों को उम्मीद थी कि निर्धारित स्थान मिलने से वाहन खड़े करने की समस्या दूर होगी, लेकिन फिलहाल उन्हें पहले की तरह ही परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
कोट
सीर खड्ड पुल के समीप टैक्सी स्टैंड का निर्माण कार्य पूरा कर लिया गया है। राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ने आपत्ति जताई कि संबंधित जमीन उसकी है और इस पर टैक्सी स्टैंड का निर्माण नहीं किया जा सकता। प्रशासन से दिशा-निर्देश मिलने के बाद उसके अनुसार आगामी कार्रवाई की जाएगी, ताकि टैक्सी चालकों को बेहतर सुविधा उपलब्ध करवाई जा सके।
-अमित कुमार,अध्यक्ष,नगर परिषद,घुमारवीं