शक्तिपीठ श्री नयना देवी में एनडीआरएफ की 14 सदस्यीय टीम। संवाद
दिल्ली में हुए धमाके के बाद बढ़ाई गई है धार्मिक स्थलों पर सतर्कता
आपात स्थिति में उपयोग होने वाले वैकल्पिक मार्गों की भी की पहचान
श्रद्धालुओं के सामान की मेटल डिटेक्टर से जांच कर रहे हैं सुरक्षा कर्मी
संवाद न्यूज एजेंसी
स्वारघाट(बिलासपुर)। शक्तिपीठ नयना देवी में एनडीआरएफ की 14 सदस्यीय टीम ने सुरक्षा प्रबंधन की व्यापक समीक्षा की। हाल ही में दिल्ली में हुए धमाके के बाद प्रदेश के प्रमुख धार्मिक स्थलों पर सतर्कता बढ़ा दी गई है, इसी को ध्यान में रखते हुए यहां भी सुरक्षा व्यवस्था मजबूत की जा रही है। मंदिर में सुरक्षा कर्मी श्रद्धालुओं के सामान की मेटल डिटेक्टर से सघन जांच भी कर रहे हैं।
निरीक्षण के दौरान एनडीआरएफ टीम ने मंदिर परिसर के सभी महत्वपूर्ण स्थानों का जायजा लिया। टीम ने नयना देवी रोप-वे, मुख्य प्रवेश द्वार, भीड़भाड़ वाले स्थानों और आपातस्थिति में उपयोग होने वाले वैकल्पिक मार्गों की पहचान की। टीम ने मौके पर मौजूद सुरक्षा कर्मियों को आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए और आपदा-सुरक्षा प्रबंधन से जुड़े बिंदुओं की विस्तृत समीक्षा की। टीम ने यह भी आकलन किया कि आपात स्थिति में बचाव कार्य कितनी तेजी से शुरू हो सकता है और किस मार्ग से तीर्थ यात्रियों को सुरक्षित निकाला जा सकता है। इसके लिए इमरजेंसी रास्तों को चिन्हित कर उनकी उपयोगिता जांची गई। एनडीआरएफ के इंस्पेक्टर प्रवीण कुमार ने पत्रकारों से कहा कि टीम ने श्री नयना देवी मंदिर, रोप-वे मार्ग का पूरा निरीक्षण किया है। उन्होंने बताया कि सभी आने-जाने वाले रास्तों की सुरक्षा स्थिति का जायजा लिया गया। आपातकालीन मार्गों की भी जांच की गई और जरूरत पड़ने पर सुधार के सुझाव दिए गए। सुरक्षा प्रबंधन से जुड़े सभी महत्वपूर्ण पहलुओं की रिपोर्ट उच्च अधिकारियों तक पहुंचा दी गई है। उन्होंने कहा कि उनका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि किसी भी अनहोनी की स्थिति में तुरंत और प्रभावी कार्रवाई की जा सके। एनडीआरएफ की इस कार्रवाई के बाद श्रद्धालुओं और स्थानीय प्रशासन में सुरक्षा को लेकर विश्वास बढ़ा है। मंदिर प्रशासन का कहना है कि तीर्थ स्थल की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और यात्रियों को सुरक्षित वातावरण प्रदान करने के लिए सभी कदम उठाए जा रहे हैं।