पूर्व सैनिक कल्याण समिति ने सम्मान के साथ दी अंतिम विदाई
भारत-चीन और भारत-पाक युद्धों में दिखाया शौर्य, तीन युद्ध पदकों से सम्मानित
संवाद न्यूज एजेंसी
बरठीं (बिलासपुर)। विधानसभा क्षेत्र सदर की मोरसिंघी पंचायत के कसोहल गांव के नायक सूबेदार बुद्धि सिंह का 90 साल की आयु में रविवार को निधन हो गया। पूर्व कल्याण समिति ने उन्हें सैनिक सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी।
उनके बेटे हवलदार सुरेंद्र कुमार, अशोक कुमार, अजय कुमार और पूर्व सैनिक कल्याण समिति हिमाचल प्रदेश की तरफ से कैप्टन हंस राज शर्मा ने पुष्प चक्र अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। उनकी आत्मा की शांति के लिए सूबेदार बीर सिंह ने बिगुल बकाकर दो मिनट का मौन रखा। कैप्टन हंस राज शर्मा ने बताया कि नायब बुद्धि सिंह का जन्म 1937 में हुआ। 18 वर्ष की आयु में 1955 में वे भारतीय सेना की डोगरा रेजिमेंट में भर्ती हुए। ट्रेनिंग के बाद वे 2 डोगरा में सेवारत हुए। उन्होंने 1962 भारत-चीन युद्ध, 1965 और 1971 में भारत-पाकिस्तान युद्ध में भाग लिया।
सेना में उत्कृष्ट सेवाओं के लिए नायब सूबेदार बुद्धि सिंह को तीन युद्ध पदकों से सम्मानित किया गया। 1977 में वह भारतीय सेना से सेवानिवृत्त हुए। इनकी सैन्य सेवाओं को हमेशा याद रखा जाएगा। इस दौरान हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय के न्यायाधीश विवेक चौहान विशेष रूप से उपस्थित रहे। इसके अलावा कैप्टन सुरेंद्र कुमार, सूबेदार मेजर वीर सिंह, किशोरी लाल, सुरेंद्र सिंह, सूबेदार हेम राज चौहान, कैप्टन ईश्वर सिंह, सूबेदार दलीप सिंह और अमर सिंह समेत अन्य मौजूद रहे।