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Bilaspur News: अरमानां रा पिटारा था मेरा घर, मेरी यादों का सहारा था मेरा घर

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-संस्कृति विभाग सभागार में लेखक संघ की मासिक बैठक और काव्य गोष्ठी आयोजित
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संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। लेखक संघ की मासिक बैठक और काव्य गोष्ठी भाषा एवं संस्कृति विभाग बिलासपुर के सभागार में हुई। इसकी अध्यक्षता डॉ. रविंद्र ठाकुर ने की। बैठक की शुरुआत सरस्वती वंदना से हुई।
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बैठक के प्रथम सत्र में लोक संस्कृति के संरक्षण एवं संवर्धन, कहलूरी बोली पर विस्तृत चर्चा हुई। दूसरे सत्र में काव्य गोष्ठी का आयोजन किया गया। इसकी अध्यक्षता वरिष्ठ साहित्यकार नरैनू राम हितैषी ने की। मंच संचालन संघ के महासचिव रविंद्र कुमार शर्मा ने किया। गोष्ठी की शुरुआत बृजलाल लखनपाल ने हास्य नाटिका झूठो झूठ से की। रविंद्र साथी ने अक्षय तृतीया पर आखा तीज गहणे गट्टू खरीद, वीणा वर्धन ने पहाड़ी रचना कणका री बडाई, रेखा चंदेल ने मौन हूं निशब्द नहीं, कर्ण चंदेल ने हास्य संस्मरण फाडिय़ा, डॉ. अनेक राम सांख्यान ने अरमानां रा पिटारा था मेरा घर, मेरी यादों का सहारा था मेरा घर, सुषमा खजूरिया ने अक्षयमान हो सदा हरा भरा अक्षय हो भारत की धरा प्रस्तुत की। रूप शर्मा ने मेरी महबूबा की बातें निराली हैं, रविंद्र कुमार शर्मा ने आया बसोआ नी माये नेड़े तेड़े मेरे भाऊ रा सादा न आया हो, अनूप सिंह मस्ताना ने जब तलक हो पांचों घी में, जमे रहो एक पार्टी में, पॉवर हाथ से जाती देखो तो बन जाओ गिरगिट प्रस्तुत करके आजकल के राजनीतिक हालात पर व्यंग्य किया। डॉ. जय अनजान ने जन्नतां रा फूल हुंदियां मांवां, बच्चेयां रा दिल कने जान हुंदियां मांवां प्रस्तुत की। डॉ. रविंद्र ठाकुर ने नर तू कभी न होगा पूरा, बिन नारायणी है अधूरा, नारी तेरे सपनों की जान, देगा यदि तू उसे सम्मान रचना प्रस्तुत की। अध्यक्ष नरैनू राम हितैषी ने अपनी रचना प्रदेश से मोहब्बत करने वालों वोट सोच समझ कर डालो रचना प्रस्तुत की। बैठक में रवींद्र कुमार शर्मा ने बताया कि जून के दूसरे शनिवार की काव्य गोष्ठी संघ की उप प्रधान शीला सिंह के घर गांव पनोह में होगी। इस अवसर पर डॉ. रविंद्र, कर्ण चंदेल, बृज लाल, लखनपाल, अनूप सिंह मस्ताना और अन्य उपस्थित रहे।
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