-एक ओर जुर्माने की चेतावनी, दूसरी तरफ तोड़ रहे नियम
-सार्वजनिक स्थलों पर जलते कूड़े से लोगों को हो रही परेशानी
संवाद न्यूज एजेंसी
घुमारवीं(बिलासपुर)। नगर परिषद घुमारवीं स्वच्छता नियमों की खुलेआम धज्जियां उड़ा रही है। जहां आम जनता को सार्वजनिक स्थानों पर कूड़ा फेंकने पर भारी जुर्माने की चेतावनी दी जा रही है, वहीं खुद नगर परिषद के सफाई कर्मचारी शहरभर से कचरा इकट्ठा कर खुले में जलाने का कार्य कर रहे हैं। इससे जहां पर्यावरण प्रदूषित हो रहा है, वहीं, स्थानीय लोगों के स्वास्थ्य पर भी असर पड़ रहा है।
घुमारवीं पुल, ओवर ब्रिज और दकड़ी चौक जैसे सार्वजनिक स्थलों पर सफाई कर्मचारियों द्वारा जलाए जा रहे कूड़े का धुआं सुबह-सुबह पूरे क्षेत्र में फैल जाता है। इससे स्थानीय व्यापारियों, राहगीरों और आस-पास के निवासियों को सांस लेने में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। नगर परिषद ने कई स्थानों पर बोर्ड लगाए हैं, जिन पर स्पष्ट लिखा है कि यहां कूड़ा फेंकना मना है और उल्लंघन करने वालों पर 500 से 5000 रुपये तक का जुर्माना लगाया जाएगा, लेकिन इन्हीं बोर्डों के पास कूड़ा जलाया जा रहा है। विशेषज्ञों के अनुसार प्लास्टिक और अन्य कचरे को जलाने से जहरीला धुआं हवा में घुल जाता हैं, जिससे सांस संबंधी बीमारियां जैसे अस्थमा, ब्रोंकाइटिस और फेफड़ों की अन्य समस्याएं हो सकती हैं। नगर परिषद का यह गैर-जिम्मेदाराना रवैया न केवल पर्यावरण के लिए हानिकारक है, बल्कि लोगों के स्वास्थ्य को भी गंभीर खतरे में डाल रहा है। स्थानीय लोगों ने नगर परिषद से मांग की है कि सफाई कर्मचारियों द्वारा खुले में कूड़ा जलाने की इस गलत प्रथा को तुरंत रोका जाए और कचरे के निपटान के लिए उचित प्रबंधन प्रणाली लागू की जाए ताकि शहर को स्वच्छ और प्रदूषण मुक्त बनाया जा सके।
नगर परिषद घुमारवीं की अध्यक्ष रीता सहगल ने कहा कि मामला ध्यान में आया है, इसकी जांच की जाएगी। जो भी कूड़ा जला रहे हैं, उन पर उचित कार्रवाई की जाएगी। अब देखना होगा कि नगर परिषद इस मुद्दे को लेकर क्या ठोस कदम उठाती है या यह मामला सिर्फ बयानबाजी तक ही सीमित रह जाता है।