बैठक में विशेष रूप से पुराने एवं लम्बे समय से लंबित राजीनामा योग्य प्रकरणों को निराकृत करने के निर्देश दिए गए। पिछली लोक अदालत में निराकृत हुए प्रकरणों की तुलना में आगामी लोक अदालत में निराकृत प्रकरणों की संख्या में बढ़ोत्तरी करने कहा गया। राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण (सालसा) के कार्यपालक अध्यक्ष न्यायमूर्ति गौतम भादुड़ी ने समस्त जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के जिला न्यायाधीश, अध्यक्ष, सचिव, फैमिली कोर्ट के न्यायाधीश, सीजेएम, लेबर कोर्ट जज, स्थायी लोक अदालत के जजों को हाईकोर्ट से विडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से निर्देशित किया।
मोबाइल वैन, टीवी, रेडियो से भी प्रचार के निर्देश
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में समस्त जिलों के न्यायिक अधिकारियों से चर्चा करते हुए उन्हें आगामी नेशनल लोक अदालत की मुनादी कराने, पैरालीगल वॉलिंटियर्स की सेवाएं लिए जाने कहा गया। साथ ही मोबाइल वैन, दूरदर्शन एवं आकाशवाणी इत्यादि के माध्यमों से व्यापक प्रचार-प्रसार करने तथा बैंक, बीमा एवं अन्य वित्तीय संस्थानों की बैठक लिए जाने तथा भूमि-अधिग्रहण एवं राजस्व से संबंधित मामलों का भी ज्यादा से ज्यादा निराकरण करने के निर्देश के साथ ही स्थायी लोक अदालत के चेयरमेन को अपने न्यायालय में लंबित जनोपयोगी मामलों एवं मोहल्ला लोक अदालत के माध्यम से स्थल पर ही मामलों का त्वरित निराकृत किए जाने के लिए निर्देशित किया गया। इसी प्रकार फैमिली कोर्ट के प्रधान न्यायाधीशों को भी अधिक से अधिक वैवाहिक मामलों को चिन्हांकित कर लोक अदालत के माध्यम से निराकृत करने के निर्देश दिए गए।
इस साल दो लोक अदालतों में सात लाख से ज्यादा प्रकरण निराकृत
इस वर्ष प्रथम नेशनल लोक अदालत 11 फरवरी को आयोजित की गई थी। इसमें 39,062 लंबित मामलों तथा 2,72,545 प्री-लिटिगेशन के मामले निराकृत किए गए। 13 मार्च को आयोजित द्वितीय नेशनल लोक अदालत में 39,123 लंबित और 3,55,450 प्री-लिटिगेशन के मामले निराकृत किए गए थे। कार्यपालक अध्यक्ष ने पिछली लोक अदालत की तरह अधिक से अधिक प्रकरणों को राजीनामा के माध्यम से निराकृत करने निर्देशित किया है।