बरठीं क्षेत्र के कोटलु नंडलु में बंदरों ने दो लोगों पर हमला कर उन्हें बुरी तरह से घायल कर दिया। दोनों का उपचार बरठीं अस्पताल में चल रहा है।
बंदरों ने उस समय उन पर हमला कर दिया जब खेतों में काम रहे थे। बंदरों के लोगों पर लगातार हो रहे हमलों से स्थानीय लोग बुरी तहर से डरे हुए हैं।
जानकारी के अनुसार कोटलु नंडलु गांव में बंदर दो दिनों में दो लोगों को काट चुके हैं। किशोरी लाल और सीता देवी को उस समय बंदरों ने काट लिया जब वह खेतों में काम कर रहे थे।
उन्होंने बताया कि अचानक बंदरों के झुंड ने उन पर हमला बोल दिया। किसी तरह से उन्होंने अपनी जान बचाई। लेकिन, बंदरों के हमले में वह बुरी तरह से घायल हो गए।
दोनों का उपचार सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बरठीं में चल रहा है। हालात यह है कि लोग अपने बच्चों को अकेले स्कूल भेजने से भी घबरा रहे हैं। ग्राम पंचायत छत और कोटलु ब्राह्मणा में बंदरों ने पिछले लंबे समय से आतंक मचा रखा है। पहले तो बंदर लोगों की फसलों को बर्बाद कर रहे थे।
मगर अब लोगों पर हमला करके उन्हें घायल भी करने लगे हैं। कुछ महीनों के भीतर ही बंदरों ने छह से अधिक लोगों को घायल कर दिया है जबकि कुछ समय पूर्व बंदर के काटने से रामरखी देवी की मौत भी हो गई थी। इससे लोग खौफजदा हैं।
अभी तक बंदर गंगों देवी, देवराज, बंती देवी और लता देवी को काट चुके हैं। विभाग की तरफ से बंदरों की समस्या का समाधान न करने से लोगों की परेशानी कम होने का नाम नहीं ले रही हैं।
वन विभाग के रेंज ऑफिसर भराड़ी बंसी राम ने बताया कि बंदरों के काटने पर होने वाले इलाज का खर्चा विभाग वहन करता है। उन्होंने बताया कि बंदरों को पकड़ने के लिए टीम को समय समय पर भेजा जाता है।