सिजेरियन प्रसव सुविधा के बाद अब शुरू होगी पेट, आंतरिक अंगों की आधुनिक सर्जरी
लेप्रोस्कोपिक मशीन के आने के बाद पित्ताशय की पथरी, अपेंडिक्स, हर्निया के होंगे ऑपरेशन
संजीव शामा
घुमारवीं (बिलासपुर)। सिविल अस्पताल घुमारवीं में स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार होने जा रहा है। सिजेरियन प्रसव सुविधा शुरू होने के कुछ ही समय बाद अब अस्पताल में अत्याधुनिक अल्ट्रासाउंड मशीन और लेप्रोस्कोपिक सर्जरी मशीन उपलब्ध कराने की प्रक्रिया अंतिम चरण में है। विशेषज्ञों के अनुसार, आने वाले कुछ ही दिनों में ये तकनीकी उपकरण अस्पताल में स्थापित हो जाएंगे, जिसके बाद पेट और अन्य आंतरिक अंगों से संबंधित कई आधुनिक सर्जरी स्थानीय स्तर पर ही संभव हो जाएंगी। अस्पताल प्रबंधन ने बताया कि लेप्रोस्कोपिक मशीन के आने के बाद पित्ताशय की पथरी, अपेंडिक्स, हर्निया और गर्भाशय से जुड़ी सर्जरी अत्याधुनिक तकनीक से की जा सकेगी। इसके साथ ही पारंपरिक सर्जरी की सुविधा भी जारी रहेगी। इन सभी प्रक्रियाओं के लिए आवश्यक एनेस्थीसिया वर्क स्टेशन और नई अल्ट्रासाउंड मशीन भी जल्द उपलब्ध करवाई जाएगी। काफी समय से इन मशीनों की मांग उठाई जा रही थी। इस संबंध में अस्पताल प्रशासन ने कई बार उच्च अधिकारियों को पत्र लिखकर अवगत कराया था। इसके बाद तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्माणी ने व्यक्तिगत रुचि लेते हुए इस मामले को प्राथमिकता पर लिया। मंत्री के हस्तक्षेप के बाद एक फार्मास्युटिकल कंपनी और एक निजी बैंक ने अपने कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी फंड के माध्यम से लेप्रोस्कोपिक मशीन और अन्य उपकरण उपलब्ध कराने की सहमति दी।
अस्पताल प्रबंधन ने कहा कि जैसे ही ये मशीनें स्थापित होंगी, घुमारवीं, झंडूता और सदर क्षेत्र के हजारों लोग इसका सीधा लाभ उठा सकेंगे। इससे जटिल सर्जरी के लिए अब मरीजों को बिलासपुर या शिमला नहीं जाना पड़ेगा, जिससे समय और धन दोनों की बचत होगी। सिविल अस्पताल घुमारवीं को अब आदर्श अस्पताल के रूप में विकसित किया जा चुका है। 100 बिस्तरों की सुविधा, स्त्री रोग, शिशु रोग, शल्य रोग, एमडी मेडिसिन सहित कई विशेषज्ञ डॉक्टरों की उपलब्धता के कारण अस्पताल की सेवाएं और अधिक सुदृढ़ हुई हैं। लगातार बढ़ती सुविधाओं से क्षेत्र के लोगों की उम्मीदें भी बढ़ी हैं।
कोट
प्रदेश सरकार का उद्देश्य है कि लोगों को गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सेवाएं घर-द्वार पर उपलब्ध हों। घुमारवीं अस्पताल में जल्द ही नई मशीनें उपलब्ध करवाई जा रही हैं, जिसके बाद लोग अपने क्षेत्र में ही उन्नत और गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सुविधाएं प्राप्त कर सकेंगे।
राजेश धर्माणी, तकनीकी शिक्षा मंत्री
संवाद