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मॉक ड्रिल : ढही हुई इमारत के अंदर से 6 लोगों को निकाला सुरक्षित

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उपायुक्त कार्यालय बिलासपुर में आयोजित मॉक ड्रिल करते एसडीआरएफ के जवान। संवाद
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- एम्स और उपायुक्त कार्यालय में हुआ आपदा प्रबंधन अभ्यास
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- उपायुक्त ने नागरिक एकजुटता मार्च को दिखाई हरी झंडी

संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। आपदा जागरुकता दिवस के अवसर पर उपायुक्त कार्यालय और एम्स बिलासपुर में भूकंप को लेकर मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया। इससे पहले 1905 में कांगड़ा में आए विनाशकारी भूकंप की 120 वीं वर्षगांठ पर उपायुक्त आबिद हुसैन सादिक ने नागरिक एकजुटता मार्च को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
मॉक ड्रिल में गृह रक्षा विभाग की पांचवीं वाहिनी की टीम, राज्य आपदा मोचन बल मंडी और अग्निशमन विभाग के जवानों ने 6 पीड़ितों को ढही हुई इमारत के अंदर से आपदा बचाव तकनीकों का प्रयोग करते हुए सुरक्षित बाहर निकाला। एक अन्य पीड़ितों को दूसरी मंजिल से रस्सी बचाव विधि से सफलतापूर्वक रेस्क्यू किया। उधर, नागरिक एकजुटता मार्च की शुरुआत उपायुक्त कार्यालय से हुई। मार्च चेतना चौक, कॉलेज चौक, गुरुद्वारा चौक और गांधी मार्केट से होकर गुजरा। इसमें स्वयं सहायता समूहों, रेड क्रॉस स्वयंसेवकों, स्कूल के छात्रों, शिक्षकों और विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने भाग लिया।
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उपायुक्त आबिद हुसैन सादिक ने इस अवसर पर 1905 के कांगड़ा में आए विनाशकारी भूकंप का उल्लेख करते हुए कहा कि आपदाओं के प्रति जागरुकता और तत्परता आवश्यक है। इस तरह की मॉक ड्रिल का आयोजन जिले के सभी शैक्षणिक संस्थानों में किया गया है। इस अभ्यास का मुख्य उद्देश्य प्राकृतिक आपदा के दौरान सुरक्षा उपायों की जानकारी देना और राहत एवं बचाव कार्यों की त्वरित प्रतिक्रिया को सुनिश्चित करना रहा। इस अवसर पर एम्स के कार्यकारी निदेशक दयानंद शर्मा, डीडीए मुकेश प्रसाद, सुरक्षा प्रभारी डॉ. भूपेन्द्र यादव, वरिष्ठ सुरक्षा पर्यवेक्षक वीरेंद्र जम्वाल, अग्निशमन विभाग रणजीत सिंह, एसडीआरएफ कांस्टेबल नीरज ठाकुर, संजय कुमार, विक्रांत, मुनीश नड्डा, अग्निशमन विभाग के अधिकारी जितेंद्र भरमोरिया उपस्थित रहे।

उपायुक्त कार्यालय बिलासपुर में आयोजित मॉक ड्रिल करते एसडीआरएफ के जवान। संवाद

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