झंडूता के बरड़ गांव में शराब के ठेके का विरोध करते ग्रामीण और उनके समर्थन के लिए पहुंचे विधायक।
दुकान मालिक का कहना, ठेका मालिक ने स्टोर लेने की कही थी बात
विधायक बोले, दो दिन के अंदर बंद होना चाहिए ठेका
संवाद न्यूज एजेंसी
बरठीं (बिलासपुर)। उपमंडल झंडूता की ग्राम पंचायत सुन्हाणी के बरड़ गांव में खोले गए शराब के ठेके का विरोध ग्रामीणों द्वारा जारी है। रविवार को झंडूता विधायक जीतराम कटवाल भी मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों की बात का समर्थन किया। वहीं दुकान मालिक का कहना है कि ठेका मालिक ने उनसे वहां केवल स्टोर खोलने की बात की थी।
ग्रामीणों का कहना है कि जब तक इस ठेके को यहां से बंद नहीं किया जाता है, तब तक विरोध जारी रहेगा। लोगों के समर्थन के लिए पहुंचे विधायक जीतरात कटवाल ने कहा कि कांग्रेस सरकार के व्यवस्था परिवर्तन का असली चेहरा अब जनता के सामने आ चुका है। यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि एक ओर सरकार द्वारा शिक्षा संस्थानों को बंद किया जा रहा है, वहीं दूसरी ओर गांव-गांव में शराब के ठेके तेजी से खोले जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि ठेके को बंद करने के लिए उन्होंने जहां विभागीय अधिकारियों से बातचीत की, वहीं प्रदेश के मुख्यमंत्री को भी अवगत करवाया है। इसके बावजूद भी ठेके को बंद करने के लिए कोई भी कार्रवाई नहीं की जा रही है। उन्होंने सरकार व विभाग को चेताया कि रिहायशी इलाकों में खोले गए शराब के ठेकों को दो दिन के भीतर बंद नहीं किया, तो भाजपा लोगों के साथ मिलकर सड़कों पर उतरेगी। धरना प्रदर्शन में शामिल महिलाओं और अन्य लोगों ने कहा कि यह ठेका उन्हें किसी भी कीमत पर नहीं चाहिए। उधर, दुकान के मालिक तुलसीराम और विचित्र सिंह ने बताया कि आबकारी एवं कराधान विभाग और ठेकेदार ने उनको गुमराह कर शराब का ठेका खोला है। उन्होंने बताया कि ठेकेदार ने एक स्टोर लेने की बात कही थी जिस पर उन्होंने धोखे से हस्ताक्षर भी ले लिए। उन्होंने बताया कि रात को उन्होंने ठेका खोल दिया जिसका उन्हें सुबह पता चला। उन्होंने भी इस ठेके का विरोध कर इसे बंद करने की मांग की है। ग्रामीणों ने बताया कि उन्हें तंग करने के लिए उनके चालान किए जा रहे हैं, ताकि वह धरने से उठ जाएं, लेकिन जब तक ठेका यहां से नहीं उठेगा तब तक धरना जारी रहेगा। इस मौके पर महिला मंडल बरड़ की प्रधान अनीता देवी, शिव गौरी महिला मंडल की प्रधान सोनू कुमारी, बीडीसी सदस्य रक्षा धीमान, पंचायत सदस्य कुलदीप सिंह, कांता वर्मा, मदनलाल और केशव दयाल सहित अन्य ग्रामीण मौजूद रहे।