बाल श्रम का मामला उजागर, माता-पिता को समझाया, मकान मालिक को भी चेतावनी
संवाद न्यूज एजेंसी
भराड़ी(बिलासपुर)। घुमारवीं शहर के नजदीकी गांव ग्लासी में बिना पुलिस सत्यापन के घूम रहे एक नाबालिग प्रवासी किशोर को ग्रामीणों ने पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया। किशोर गांव-गांव घूमकर घरेलू उपयोग का सामान बेच रहा था। पूछताछ में सामने आया कि वह नाबालिग है और कम उम्र में ही काम कर रहा है, जिससे बाल श्रम का मामला उजागर हुआ है।
जानकारी के अनुसार किशोर पिछले कुछ दिनों से क्षेत्र के विभिन्न गांवों में सामान बेचने आ रहा था। वह अकेले ही गांवों में घूम रहा था और उसके पास किसी प्रकार का पहचान पत्र या पुलिस सत्यापन नहीं था। ग्रामीणों को उसकी गतिविधियों पर संदेह हुआ तो उन्होंने उसे रोककर पूछताछ की। परिवार और काम के बारे में स्पष्ट जानकारी न दे पाने पर ग्रामीणों ने पुलिस को सूचना दी। क्षेत्र में बाहरी लोगों की आवाजाही बढ़ी है। ऐसे में सुरक्षा के लिहाज से सतर्कता जरूरी है। उन्होंने मांग की है कि क्षेत्र में रहने वाले बाहरी लोगों का नियमित पुलिस सत्यापन किया जाए, ताकि किसी भी तरह की आपराधिक या शोषण से जुड़ी गतिविधियों पर अंकुश लगाया जा सके। उनका कहना है कि बिना सत्यापन के रहने वाले लोगों से आपराधिक घटनाओं की आशंका बढ़ जाती है और घटना के बाद आरोपियों को पकड़ना मुश्किल हो सकता है। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और किशोर को अपने संरक्षण में ले लिया। पुलिस उपाधीक्षक विशाल वर्मा ने बताया कि नाबालिगों से काम करवाना कानूनन अपराध है। ऐसे मामलों में बाल संरक्षण से जुड़े प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जाती है। उन्होंने कहा कि किशोर के माता-पिता को समझाया गया है और बच्चे को उनके सुपुर्द किया गया है। साथ ही उन्हें पुलिस में नाम दर्ज करवाने के निर्देश दिए गए हैं। पुलिस ने जिस मकान में परिवार रह रहा है, उसके मकान मालिक को भी हिदायत दी है कि बिना पंजीकरण और पुलिस सत्यापन के किसी प्रवासी को कमरा किराए पर न दें। मामले की जांच की जा रही है।