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Bilaspur News: गरामोड़ में बनेगा खनन विभाग का चेकपोस्ट, रात में टिपरों पर रहेगी नजर

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दिशा की बैठक में बड़े टिपरों और पोकलेन पर कार्रवाई का मांगा ब्योरा, छह माह में हुई तीन छापामारी
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छोटे ट्रैक्टरों के चालान तक सीमित कार्रवाई पर बैठक में उठे थे सवाल

संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। जिले में अवैध खनन और खनन सामग्री के अवैध परिवहन पर अंकुश लगाने के लिए खनन विभाग गरामोड़ के पास चेकपोस्ट स्थापित करेगा। यहां खनन सामग्री लेकर आने-जाने वाले वाहनों की जांच की जाएगी। रात के समय चलने वाले टिपरों पर विशेष नजर रखी जाएगी। वाहनों के दस्तावेज, खनन सामग्री और परिवहन से संबंधित रिकॉर्ड भी जांचे जाएंगे। बिलासपुर में हुई दिशा की बैठक में अवैध खनन का मामला प्रमुखता से उठा। जनप्रतिनिधियों ने अधिकारियों से पिछले छह माह में हुई कार्रवाई का पूरा ब्योरा मांगा। पूछा गया कि इस दौरान कितने छोटे ट्रैक्टर, बड़े टिपर और खनन में इस्तेमाल होने वाली मशीनें पकड़ी गईं और कितने चालान किए गए। पूर्व विधायक रणधीर शर्मा ने पूछा कि क्या किसी बड़ी मशीन या पोकलेन के खिलाफ कार्रवाई की गई है। उन्होंने बड़े स्तर पर अवैध खनन करने वालों के खिलाफ की गई कार्रवाई का ब्योरा बैठक में रखने को कहा। विधायक त्रिलोक जम्वाल ने कहा कि केवल छोटे ट्रैक्टरों को पकड़कर कार्रवाई करने से अवैध खनन पर रोक नहीं लगेगी। बड़े स्तर पर खनन करने वालों और इसमें इस्तेमाल होने वाले वाहनों व मशीनों पर भी कार्रवाई होनी चाहिए। बैठक में बताया गया कि पिछले छह माह में अवैध खनन के खिलाफ तीन छापेमारी की गई हैं। अधिकारियों से इन छापेमारी में पकड़े गए वाहनों, किए गए चालान और अन्य कार्रवाई का अलग-अलग ब्योरा मांगा गया। साथ ही बार-बार नियमों का उल्लंघन करने वाले लोगों और वाहनों की पहचान कर सख्ती करने के निर्देश दिए गए।
रात में खनन सामग्री ढोने वाले टिपरों की आवाजाही का मुद्दा भी उठाया गया। जनप्रतिनिधियों ने कहा कि रात के समय बड़ी संख्या में टिपरों के चलने से सड़कों पर दबाव बढ़ता है। ऐसे वाहनों की नियमित जांच जरूरी है। गरामोड़ में प्रस्तावित चेकपोस्ट इसी निगरानी व्यवस्था का हिस्सा होगी।
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लोगों से संवाद रखें, शिकायतों का समाधान करें : अनुराग
सांसद अनुराग ठाकुर ने अधिकारियों को लोगों से लगातार संवाद बनाए रखने और उनकी शिकायतों का गंभीरता से समाधान करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अवैध खनन के मामलों में बड़ी मछलियों तक कार्रवाई पहुंचनी चाहिए। बार-बार नियम तोड़ने वालों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।
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