अपहरण करने का दोषी भी पाया गया, अदालत ने आर्थिक दंड भी लगाया
आर्थिक दंड नहीं देने पर भुगतना होगा अतिरिक्त कारावास, साल 2021 का था मामला
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। विशेष सत्र जिला न्यायाधीश बिलासपुर चिराग भानू सिंह की अदालत ने नाबालिग लड़की से दुष्कर्म करने वाले प्रवासी व्यक्ति को 20 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है।
दोषी मनोहर लाल उर्फ मनोज निवासी गांव सिदान सिरोली जिला बरेली उत्तर प्रदेश को 50 हजार रुपये का आर्थिक दंड भी लगाया गया है। आर्थिक दंड न नहीं देने की सूरत में आरोपी को एक साल का अतिरिक्त कठोर कारावास भुगतना होगा। आरोपी धारा 366 के तहत अपहरण करने का भी दोषी पाया गया है, जिसके लिए उसे सात साल का कठोर कारावास और 50 हजार रुपये का आर्थिक दंड लगाया गया है। आर्थिक दंड अदा न करने की सूरत में छह माह का अतिरिक्त कठोर कारावास भुगतना होगा। दोनों सजाएं एक साथ चलेंगी। मामला साल 2021 का है। लड़की की मां ने शिकायत दी थी कि बेटी 14 साल की है। बेटी को घर के पास रहने वाला प्रवासी मजदूर मनोहर लाल भगा ले गया। पुलिस ने अपहरण का मामला दर्ज किया। लड़की को बरामद करने के बाद पूछताछ हुई तो सामने आया कि दुष्कर्म भी किया गया है। इसके बाद पुलिस ने दुष्कर्म की धाराएं और पॉक्सो एक्ट को भी मामले में जोड़ा। जांच पूरी होने पर मामला अदालत में दायर हुआ। मुकदमे की पैरवी जिला न्यायवादी चंद्रशेखर भाटिया ने की। अभियोजन पक्ष की ओर से कुल 22 गवाह पेश किए गर। अभियोजन पक्ष की दलीलों को सुनने के बाद अदालत ने दोषी को उपरोक्त सजा सुनाई।