भराड़ी (बिलासपुर)। मिड-डे मील वर्करों को बीते 4 महीने से मानदेय नहीं मिला है। मानदेय न मिलने से परिवार का भरण पोषण करना मुश्किल हो गया है। मिड-डे मील वर्कर यूनियन ने इंटक के बैनर तले रामलीला ग्राउंड धार टटोह में बैठक की।
बैठक की अध्यक्षता मिड-डे मील वर्कर यूनियन के प्रदेशाध्यक्ष इंद्रपाल ने की। बैठक में पिछले 4 माह से वेतन न मिलने पर रोष जताया गया। सरकार से नियुक्ति पत्र प्रदान करने और पॉलिसी बनाने की गुहार लगाई। न्यूनतम वेतन 18 हजार रुपये करने की मांग की। बैठक में करीब 25 स्कूलों के मिड-डे मिल कर्मचारियों ने भाग लिया। कहा कि दिन में 5 से 6 घंटे स्कूल में काम करने पर मात्र 2600 रुपये का मानदेय दिया जा रहा है, जो सरासर अन्याय है। कर्मचारियों का कहना है कि कोरोना काल में लॉकडाउन लगा लेकिन मिड-डे मील वर्करों को स्कूल में सेवाएं देनी पड़ीं। 2600 रुपये मानदेय से बढ़ती महंगाई में गुजारा नहीं चल पा रहा है। यही नहीं ज्यादातर मिड-डे मील वर्करों ने एनटीटी की ट्रेनिंग की है। प्री प्राइमरी स्कूलों में नियुक्त करने की मांग उठाई।