ग्रामीणों ने उपायुक्त को सौंपा ज्ञापन, डंगार पंचायत में रखने की उठाई मांग
-बोले, धार पर बसा है गांव, डंगार पंचायत से अलग करना व्यावहारिक नहीं
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। उप तहसील भराड़ी के तहत चोखना गांव को प्रस्तावित नई पंचायत में शामिल करने के निर्णय का ग्रामीणों ने विरोध जताया है। ग्रामीणों ने इस संबंध में उपायुक्त बिलासपुर को ज्ञापन सौंपकर मांग की कि चोखना गांव को पूर्व की भांति डंगार पंचायत में ही रखा जाए। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो वे धरना-प्रदर्शन करने के लिए मजबूर होंगे।
ग्रामीणों के अनुसार चोखना गांव धार पर बसा हुआ है और यहां पांच सौ से अधिक मतदाता हैं। यह गांव आरंभ से ही डंगार पंचायत के अधीन है। डंगार कस्बा गांव से मात्र दो किलोमीटर की दूरी पर स्थित है और वहां तक पक्की सड़क की सुविधा है। ग्रामीणों का कहना है कि डंगार से उनका दैनिक जुड़ाव है। अधिकतर लोग बैंक, डाकघर, विद्यालय, बिजली कार्यालय सहित अन्य सरकारी और गैर सरकारी कार्यों के लिए डंगार ही आते-जाते हैं। ग्रामीणों ने बताया कि डंगार में सभी मूलभूत सुविधाएं एक ही स्थान पर उपलब्ध हैं, जिससे लोगों के समय और संसाधनों की बचत होती है। एक ही दिन में वे बैंक, पोस्ट ऑफिस और अन्य कार्यालयों के कार्य निपटा सकते हैं। ऐसे में चोखना गांव को डंगार पंचायत से अलग करना न तो व्यावहारिक है और न ही ग्रामीणों के हित में है। ग्रामीणों के अनुसार नई पंचायत पुनर्गठन योजना के तहत चोखना गांव को पन्याली पंचायत के साथ जोड़ दिया गया है। पन्याली गांव की दूरी चोखना से लगभग चार किलोमीटर है। ग्रामीणों का कहना है कि पन्याली तक पहुंचने के लिए पक्की सड़क की सुविधा नहीं है। वहां जाने के लिए जंगल के बीच से पैदल जाना पड़ता है, जो विशेषकर बरसात और सर्दियों के मौसम में अत्यंत जोखिमभरा हो जाता है। प्रशासन को भौगोलिक स्थिति और ग्रामीणों की व्यावहारिक समस्याओं को ध्यान में रखते हुए निर्णय लेना चाहिए। इस मौके पर सतीश कुमार, जगदीश चंद, अलबेल सिंह, धर्म सिंह, बलबीर सिंह, रामलाल, रिखीराज, कश्मीर सिंह, संतोष पटियाल, बालकिशन, दाता राम, दिलिया राम, प्रीतम सिंह, बलदेव सहित अन्य ग्रामीण मौजूद रहे।