नीट अनियमितताओं, पुलिस कार्रवाई और सोनम वांगचुक प्रकरण की निष्पक्ष जांच की मांग को लेकर राष्ट्र
सीपीआई, नौजवान सभा और इंडियन एसोसिएशन ऑफ लॉयर्स ने उठाई निष्पक्ष जांच की मांग
कहा- लोकतांत्रिक अधिकारों के समर्थन में बिलासपुर में भी होगा शांतिपूर्ण प्रदर्शन
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। नीट एवं अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर सोमवार को कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया हिमाचल प्रदेश, नौजवान सभा और इंडियन एसोसिएशन ऑफ लॉयर्स ने राष्ट्रपति को ज्ञापन भेजा। यह ज्ञापन अतिरिक्त उपायुक्त बिलासपुर के माध्यम से भेजा गया।
संगठनों ने नई दिल्ली में आंदोलनरत विद्यार्थियों पर हुई पुलिस कार्रवाई और सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक प्रकरण की निष्पक्ष जांच की मांग की है। उन्होंने प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता और विद्यार्थियों के लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित करने पर जोर दिया।
ज्ञापन में कहा गया है कि देशभर में नीट परीक्षा की निष्पक्षता और कथित पेपर लीक को लेकर विद्यार्थी आवाज उठा रहे हैं। नई दिल्ली में शांतिपूर्ण आंदोलनों के दौरान प्रदर्शनकारियों के खिलाफ पुलिस की ओर से बल प्रयोग और हिरासत के आरोप लगे हैं। संगठनों ने इन आरोपों की स्वतंत्र एवं उच्च स्तरीय जांच की मांग की है। उन्होंने सोनम वांगचुक को कथित रूप से प्रदर्शन स्थल से हटाने और उनकी अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर प्रतिबंध लगाने के आरोपों का भी उल्लेख किया। संगठनों ने स्पष्ट किया कि वे किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंच रहे हैं। वे पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच कर वास्तविक तथ्यों को सार्वजनिक करने की मांग कर रहे हैं। भारतीय संविधान नागरिकों को शांतिपूर्ण विरोध का अधिकार देता है। सरकार और प्रशासन को असहमति की आवाज दबाने के बजाय संवाद से समाधान निकालना चाहिए। नई दिल्ली में आंदोलनरत विद्यार्थियों पर हुई कथित पुलिस कार्रवाई की स्वतंत्र जांच हो। बल प्रयोग और हिरासत के मामलों की भी जांच कराई जाए। सोनम वांगचुक प्रकरण की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित की जाए। यदि किसी अधिकारी या कर्मचारी द्वारा कानून का उल्लंघन पाया जाता है, तो उस पर सख्त कार्रवाई हो। यह मांग ज्ञापन में प्रमुखता से उठाई गई है। नीट एवं अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित पेपर लीक और अनियमितताओं की प्रभावी जांच हो। दोषियों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जाए। परीक्षा प्रणाली को अधिक पारदर्शी और जवाबदेह बनाने की मांग की गई है। विद्यार्थियों के प्रतिनिधियों के साथ संवाद स्थापित कर उनकी मांगों का समयबद्ध समाधान किया जाए। विद्यार्थियों और नागरिकों के लोकतांत्रिक अधिकारों के समर्थन में बिलासपुर में भी शांतिपूर्ण प्रदर्शन होगा। इसका उद्देश्य युवाओं की आवाज को संवैधानिक संस्थाओं तक पहुंचाना है। संगठनों ने राष्ट्रपति से हस्तक्षेप कर केंद्र सरकार को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश देने का आग्रह किया। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि मांगों पर उचित कार्रवाई नहीं हुई, तो आंदोलन तेज किया जाएगा, जिसकी जिम्मेदारी केंद्र सरकार की होगी।