वन रक्षक एसोसिएशन के पदाधिकारी डीएफओ को ज्ञापन देते हुए
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बिलासपुर (बिलासपुर)। वनरक्षक एसोसिएशन के सदस्यों ने सोमवार को बिलासपुर वन विभाग कार्यालय में बैठक की और उसके बाद डीएफओ बिलासपुर अवणी भूषण को ज्ञापन सौंपा। वन रक्षकों का कहना है कि इस मामले में अभी तक पुलिस ने सरकारी कर्मचारी पर हमला करने और सरकारी कार्य में बाधा डालने पर कोई धारा दर्ज नहीं की है। उन्होंने अधिकारी से मांग की कि वे इस मामले में हस्तक्षेप करें।
कहा कि आज के समय में वनरक्षक सुरक्षित नहीं हैं। जंगलों में दिन-रात कार्य करने के बावजूद भी उनको अपनी रक्षा के लिए कोई भी हथियार व कोई सुरक्षा कवच नहीं दिया गया है। आए दिन ऐसे मामले सामने आ रहे हैं। वनरक्षक पवन कुमार ने बताया कि इससे पहले भी इस क्षेत्र में इन लोगों द्वारा वन भूमि पर कई जगह पर गैरकानूनी तरीके से सड़कें निकाली हैं। इसकी शिकायत भी कई बार वन विभाग के अधिकारियों से की गई। ऐसे में जब भी इन लोगों की शिकायत की जाती है तो यह लोग रात के अंधेरे में छुपकर वन रक्षकों पर जानलेवा हमला कर देते हैं।
उधर शिकायतकर्ता वनरक्षक पवन कुमार ने वन विभाग से मांग की है कि वन रक्षकों पर हो रहे हमलों पर कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए और सुरक्षा के कड़े प्रबंध व नियम लागू किए जाने चाहिए।
बताते चलें कि झंडूता विधानसभा क्षेत्र के तहत कलोल क्षेत्र के खरली गांव में वन रक्षक पर जानलेवा हमले का मामला सामने आया है। वनरक्षक पवन कुमार पर जानलेवा हमला क्षेत्र के दो लोगों ने किया है। वनरक्षक पवन कुमार ने कहा कि खरली गांव में रात के अंधेरे में कुछ लोगों की ओर से वन भूमि पर सड़क निकाली जा रही थी। वनरक्षक पवन कुमार पर दो युवकों ने जानलेवा हमला कर दिया। वनरक्षक को चोटें आई हैं और एक बाजू टूट गई है। जिस संदर्भ में पुलिस ने साधारण धाराओं में केस दर्ज किया है।