राष्ट्रीय सम्मेलन में स्मार्ट खेती समाधान पर चर्चा
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। हरियाणा के करनाल स्थित महाराणा प्रताप उद्यान विश्वविद्यालय में आयोजित राष्ट्रीय सम्मेलन बागवानी में फ्लोरीकल्चर इंडस्ट्री में उत्कृष्ट योगदान के लिए मीना चंदेल को सम्मानित किया गया। यह सम्मान उन्हें फ्लोरीकल्चर के क्षेत्र में किए गए उनके महत्वपूर्ण कार्यों के लिए प्रदान किया गया। इसमें उन्हें रोज पुरस्कार से नवाजा गया।
8 और 9 नवंबर को आयोजित इस सम्मेलन में देशभर के वैज्ञानिकों ने भाग लिया। इस सम्मेलन का उद्देश्य बागवानी खेती को स्मार्ट खेती में परिवर्तित करने के उपायों पर विचार-विमर्श करना था, ताकि इस क्षेत्र में महिलाओं और युवाओं की भागीदारी बढ़ाई जा सके। इससे न केवल स्वरोजगार के अवसर बढ़ेंगे, बल्कि उनकी आर्थिक स्थिति को भी सुदृढ़ किया जा सकेगा। कार्यक्रम में वर्तमान बागवानी खेती से जुड़ी चुनौतियों पर चर्चा की गई और इन्हें टेक्नोलॉजी के साथ जोड़कर समाधान खोजने पर बल दिया गया। इस मौके पर इंडस्ट्री के विभिन्न विशेषज्ञों को भी आमंत्रित किया गया था। प्रमुख अतिथियों में भारत सरकार के पूर्व कृषि आयुक्त और पूर्व अध्यक्ष एएसआरबी डॉ. गुरबचन सिंह, महाराणा प्रताप उद्यान विश्वविद्यालय करनाल के कुलपति डॉ. सुरेश मल्होत्रा और पुणे स्थित फ्लोरीकल्चर अनुसंधान संस्थान के निदेशक डॉ. केवी प्रसाद शामिल रहे।
सम्मेलन में यह बात सामने आई कि यदि महिलाओं और युवाओं को बागवानी खेती के स्मार्ट खेती मॉडल में शामिल किया जाए, तो उनके लिए स्वरोजगार के नए अवसर बन सकते हैं। इस पहल से उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाया जा सकता है, जो कृषि उद्योग के विकास में सहायक सिद्ध होगा।