घुमारवीं(बिलासपुर)। शादी करना भी आवश्यक था और लॉक डाउन के नियमों का पालन करना भी। ऐसे में शादी के दौरान कोई चूक न हो जाए यही चिंता दोनों ही वर-वधू पक्षों को सताए जा रही थी। लेकिन कुछ बुद्धिजीवी लोगों के सहयोग से लॉक डाउन के दौरान घुमारवीं उपमंडल की ग्राम पंचायत पड्यालग के गांव बाड़ी छेजोली में यह शादी बिना बरात और बैंडबाजा के ही मंदिर में एक -दूजे के गले में वरमाला पहनाकर संपन्न हुई। इसके साथ ही दोनों युगलों ने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच एक सूत्र में बंधकर सात फेरे भी लिए।
हालांकि इस शादी में दोनों पक्षों से कोई रिश्तेदार लॉक डाउन के चलते अपनी उपस्थिति दर्ज नहीं कर पाए थे। सभी ने लॉक डाउन के नियमों का पालन करते हुए जिस प्रकार से शादी संपन्न कराई, वह न केवल आज के समय के लिए बल्कि भविष्य के लिए भी एक मिसाल कायम कर गई। बताते चलें कि पड्य़ालग पंचायत के गांव बाड़ी छेजोली के हेमराज ठाकुर ने अपने पुत्र आशीष ठाकुर की शादी लॉकडाउन के पूरे नियमों के अंतर्गत की। बरात सुबह शनिवार को ग्राम पंचायत फटोह के गांव सारटी में पल्लवी ठाकुर पुत्री त्रिलोक ठाकुर के घर पहुंची। वहां सभी नियमों के तहत विधिवत रूप से शादी भी संपन्न हुई। एसडीएम घुमारवीं से दोनों पक्षों ने अनुमति लेकर निर्धारित शर्तों को ध्यान में रखते हुए शादी संपन्न करवाकर समाज में एक नई मिशाल पेश की है।