बिलासपुर। जिले के सरकारी स्कूल शिक्षकों की कमी से जूझ रहे हैं। आवश्यक और सृजित पदों की अपेक्षा बहुत कम शिक्षक ही स्कूलों में अध्यापन कार्य को चला रहे हैं। शिक्षकों की कमी का सिलसिला समय के साथ लगातार बढ़ रहा है। इसका खामियाजा विद्यार्थियों को भुगतना पड़ रहा है। दो माह बाद बच्चों की वार्षिक परीक्षा है, जिसको देखते हुए अब अभिभावक भी परेशान हैं।
बिलासपुर जिले में कुछ ऐसे स्कूल हैं जहां शिक्षकों की कमी के चलते छात्रों की पढ़ाई पर खासा असर पड़ रहा है। जिले में 1036 जेबीटी शिक्षकों की आवश्यकता है। इसके सापेक्ष जिले में 823 जेबीटी शिक्षक ही छात्रों को पढ़ा रहे हैं। 213 जेबीटी शिक्षकों के पद खाली हैं। यही स्थिति एचटी शिक्षकों की है। जिले में एचटी के 11 पद खाली हैं। जबकि, सीएचटी के 7 पद खाली हैं।
बता दें कि जिले में शिक्षकों की कमी के चलते 590 के करीब प्राथमिक स्कूलों में पढ़ रहे बच्चों का भविष्य प्रभावित हो रहा है। शिक्षकों के खाली पदों को भरने के लिए अभिभावकों सरकार से मांग की है।
प्रारंभिक व उच्च शिक्षा उपनिदेशक राजकुमार ने बताया कि स्कूलों में बीएड प्रशिक्षुओं पर फैसले के बाद जेबीटी पदों की भर्ती नहीं हो पा रही है। वहीं एचटी और सीएचटी पदों पर वरिष्ठता को लेकर कुछ लोग कोर्ट गए हैं। जिस कारण इन पदों को भरा जाना भी अभी मुमकिन नहीं है।
बॉक्स
शिक्षा खंड घुमारवीं 1
पद खाली पदों की संख्या
जेबीटी 16
एचटी 3
घुमारवीं-2
पद खाली पदों की संख्या
जेबीटी 20
एचटी 4
सदर
पद खाली पदों की संख्या
जेबीटी 65
एचटी 2
सीएचटी 5
झंडूता
पद खाली पदों की संख्या
जेबीटी 56
एचटी 2
स्वारघाट
पद खाली पदों की संख्या
जेबीटी 56
सीएचटी 2