बिलासपुर। फिल्म और टीवी शो में अलग मजा है, लेकिन मुझे सबसे प्यारा रंगमंच है। रंगमंच के कलाकार अन्य से बेहतर हैं क्योंकि वे हर रोल और चैलेंज स्वीकार कर लेते हैं। एक एक्टर के लिए रंगमंच बहुत आवश्यक है। यह बात अभिनेता पद्मश्री मनोज जोशी ने कही।
मंगलवार को अभिनेता मनोज जोशी भाषा एवं सांस्कृतिक विभाग बिलासपुर और उड़ान थियेटर ग्रुप के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित रंगमंच कलाकार मिलन समारोह में मुख्यातिथि के रूप में शिरकत की। कार्यक्रम में समाजसेवी हरीश नड्डा ने विशिष्ट अतिथि के रूप शिरकत की। मनोज जोशी ने रंगमंच के कलाकारों के साथ अपने अनुभव साझा किए।
उन्होंने कहा कि इनसान को परिपक्व होने के लिए जैसे शिक्षा की जरूरत होती है, वैसे ही एक्टर को पारंगत होने में और खुद को निखारने में रंगमंच का बहुत बड़ा योगदान होता है। उन्होंने कहा कि कभी फिल्मों में काम करनी की इच्छा जाहिर नहीं की। सिर्फ लग्न और ईमानदारी से रंगमंच करते हैं। इसी ईमानदारी और लग्न के कारण फिल्मों में काम मिलना शुरू हुआ। रंगमंच कलाकारों से आह्वान किया कि अपना काम प्रमाणिकता और ईमानदारी से करो। भाषा पर पकड़ मजबूत करो, सफलता खुद कदम चूमेगी।
इससे पहले उड़ान थियेटर ग्रुप के अध्यक्ष नवीन सोनी ने अभिनेता मनोज जोशी को शॉल, टोपी पहनाकर सम्मानित किया। वहीं भाषा अधिकारी रेवती सैनी ने समाजसेवी हरीश नड्डा को शॉल और टोपी पहनाकर सम्मानित किया। इस मौके पर रंगकर्मी सुशील पुंडीर, अभिषेक डोगरा, धीरज शर्मा, भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता सहनाज पुनेवाला सहित अन्य लोग मौजूद रहे।