बिलासपुर/झंडूता/जुखाला/घुमारवीं/भगेड़ (बिलासपुर)। महाशिवरात्रि पर जिले के मंदिर बम-बम भोले के जयकारों से गूंज उठे। लक्ष्मी नारायण मंदिर से शोभायात्रा निकाली गई। श्रद्धालुओं ने शिवलिंग विल्वपत्र चढ़ाकर जलाभिषेक कर पूजा-अर्चना की। ऋषि मार्कंडेय मंदिर में एक हजार श्रद्धालुओं ने श्रद्धा की डुबकी लगाई।
महर्षि वेदव्यास की जन्मभूमि बिलासपुर वीरवार को शिवनगरी में तबदील हो गई। मंदिरों में सुबह से ही श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। श्री लक्ष्मी नारायण मंदिर, गोपाल मंदिर बम-बम भोले के जयकारों से गूंजते रहे। श्रद्धालुओं ने उपवास रखे। इसके चलते मंदिरों में फलहार के भंडारे लगाए गए। महाशिवरात्रि पर्व पर मंदिरों को रंग-बिरंगे फूलों व लाइटों से सजाया गया। बिलासपुर में लक्ष्मी नरायण मंदिर से शोभायात्रा निकाली गई।
गुरुद्वारा मार्केंट, चेतना चौक, लुहणू, लक्ष्मी नारायण मंदिर व गोपाल मंदिर में शिव भक्तों ने फलहार के भंडारे लगाए। शिवधाम पन्याला में हजारों शिव भक्तों ने शीश नवाया। घुमारवीं उपमंडल के विभिन्न शिवालयों में हजारों श्रद्धालु पूजा-अर्चना करने पहुंचे। द्वादश ज्योतिर्लिंग शिवधाम पन्याला में हजारों श्रद्धालुओं ने शिवलिंग पर पंचामृत, दूध, भांग, विल्व पत्र चढ़ाकर सुख-समृद्धि की कामना की।
घुमारवीं में स्थित प्रजापिता ब्रह्माकुमारीज ईश्वरीय विश्वविद्यालय के स्थानीय सेवा केंद्र ने महाशिवरात्रि पर झांकी निकाली। सेवा केंद्र के बीके हरदीप कौर और बीके सुमन ने बताया कि परमात्मा का संदेश है कि सभी धर्म की आत्माएं मेरे बच्चे हैं।
ऋषि मार्कंडेय में शिवरात्रि पर करीब 1000 श्रद्धालुओं ने पवित्र स्नान किया। वीरवार रात को जागरण करवाया गया। तहसीलदार अमित शर्मा ने बताया कि शुक्रवार को भंडारे का आयोजन किया जाएगा।
वहीं झंडूता विस क्षेत्र के श्री सर्वेश्वर महादेव मंदिर आनंदघाट, ठाकुरद्वारा, नरसिंह मंदिर झंडूता, शिव मंदिर बछरेटू, शिव मंदिर भड़ोली कलां, शिव मंदिर छुमहान, माता जालपा मंदिर डफेर, शिव मंदिर बरोहा, शिव मंदिर दगडाहन, शिव मंदिर डोहग, चामुंडा माता मंदिर जांगला, दाड़ी बाड़ी, गेहड़वीं सहित अन्य मंदिरों में महाशिवरात्रि पर भक्तों की भीड़ उमड़ी।