विद्युत उपमंडल बरठीं के अंतर्गत डूहक गांव में कम वोल्टेज की समस्या ग्रामीणों के लिए आफत बन गई है। हालात यह है कि कम वोल्टेज के कारण लोगों को बल्ब के साथ मोमबत्ती जलाने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है।
इस वजह से कइयों लोगों के विद्युत उपकरण भी खराब हो रहे हैं। वहीं, बच्चों की पढ़ाई भी प्रभावित हो रही है। ग्रामीणों ने बिजली बोर्ड से मांग की है कि इस समस्या के समाधान के लिए ठोस कदम उठाए जाएं।
डूहक के विद्युत उपभोक्ता पिछले चार सालों से कम वोल्टेज की समस्या के कारण परेशान है। सेवानिवृत्त मेजर राकेश शर्मा (शौर्य चक्र विजेता) ने कहा कि गांव डूहक को कोटलू स्थित ट्रांसफार्मर से बिजली की आपूर्ति हुई है।
जहां पर दोहरी लाईन बिछी हुई है। ट्रांसफार्मर से इस गांव की दूरी मात्र 400 मीटर है। लेकिन, फिर भी बिजली की सप्लाई सुचारु रूप से नहीं पहुंच पा रही है। उन्होंने कहा कि विद्युत विभाग को 2013 में लिखित शिकायत की थी।
इसके बाद विभाग ने मौके का मुआयना भी किया। उसका एस्टीमेट भेजकर उस लाईन को जल्द ही डबल लेन करने का विभाग द्वारा आश्वासन दिया गया था, लेकिन आज तक इस दिशा में कोई कदम नहीं उठाए गए।
मेजर ने कहा कि जब हमारी समस्या का हल नहीं हुआ तो वर्तमान में सहायक अभियंता बरठीं को दोबारा लिखित में शिकायत दी। उनसे भी आश्वासनों के सिवाय कुछ नहीं मिला और बिजली की समस्या जस की तस बनी हुई है। उन्होंने कहा कि गांव के पांच परिवारों में बिजली के उपकरण कम वोल्टेज होने के कारण बार बार खराब हो रहे हैं। साथ ही बच्चों की पढ़ाई भी बाधित हो रही है।
इस संदर्भ में सहायक अभियंता बरठीं डीएस धूलिया ने बताया कि उच्च अधिकारियों को एस्टीमेट भेज दिया गया है। जैसे ही धनराशि स्वीकृत होगी लोगों की समस्या का हल कर दिया जाएगा।