प्रीतम सिंह जठानी गांव के जंगलों में गुच्छी ढूंढने गया था कि तेंदुए ने हमला बोल दिया।
एक बार फिर दधोल कलां गांव में तेंदुए ने ग्रामीण को अपना शिकार बनाने की कोशिश की। लेकिन, गनीमत रही कि ग्रामीणों के हाथ में डंडे और लोहे के औजार थे। इससे तेंदुआ वहां से भाग गया। यह वारदात उस जगह से तीन किलोमीटर दूर हुई जहां पर शुक्रवार रात तेंदुए ने तिलक राज को अपना शिकार बनाया था। आदमखोर तेंदुए की दस्तक से एक बार फिर ग्रामीण खौफजदा हैं।
दधोल पंचायत के पूर्व प्रधान मेहर सिंह ने बताया शनिवार को दिन के करीब दो बजे मिस्त्री का काम करने वाले कुछ लोग जंगल के रास्ते से गुजर रहे थे। तभी वहां पर आमदखोर तेंदुए ने उन्हें घेर लिया।
मगर हाथों में औजार होने के कारण तेंदुआ उन पर हमला नहीं कर पाया। क्षेत्र के लोग तेंदुए की मौजूदगी से खौफजदा हैं। विभाग ने तेंदुए को पकडृने के लिए पिंजरे भी लगा दिए हैं।
लेकिन, अभी तक तेंदुआ पकड़ में नहीं आया है। वन विभाग व पुलिस के कर्मचारी इलाके में गश्त लगाकर तेंदुए की तलाश कर रहे है। लेकिन, अभी तक तेंदुए का कोई पता नहीं चल पा रहा है।
गौर हो कि जिस स्थान पर तेंदुए ने तिलक राज को मौत के घाट उतार दिया था। यह इलाका जंगल के नजदीक है। कई रिहायशी मकान भी इस क्षेत्र में मौजूद हैं। क्षेत्र में तेंदुए की मौजूदगी से लोगों ने शाम ढलने के बाद घरों से निकलना बंद कर दिया है।