फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

अहंकार छोड़ भक्ति को परमात्मा से जोड़ें : निखिल

विज्ञापन
घुमारवीं में आयोजित श्रीमत भागवत कथा में उपस्थित श्रद्धालु। संवाद
विज्ञापन
भागवत कथा में राम और माता सीता के विवाह का सुनाया प्रसंग
विज्ञापन


संवाद न्यूज एजेंसी
घुमारवीं (बिलासपुर)। शिव शरण श्री राम लंगर समिति घुमारवीं की ओर से आयोजित भागवत कथा के चौथे दिन आचार्य निखिल महाराज ने भगवान राम और माता सीता के विवाह का प्रसंग सुनाया। उन्होंने संदेश दिया कि धनुष अहंकार का प्रतीक है, जोकि भक्ति रूपी सीता और स्वयं परमात्मा राम के मध्य आकर भक्ति और परमात्मा के मिलन में बाधा बन रहा है।
उन्होंने कहा कि ऐसे अहंकार रूपी धनुष को प्रत्येक मनुष्य को तोड़कर भक्ति को उस परमपिता परमात्मा से जोड़ देना चाहिए। इस संसार रूपी मायाजाल को छोड़कर उस परम पिता परमात्मा की शरण में जाकर चलते-फिरते, उठते अपने मुंह से राम-राम का उच्चारण करना चाहिए। इससे कई गुणा जाप भी हो जाता है। अपने काम, क्रोध, लोभ, मोह और अहंकार छोड़ देना चाहिए। क्योंकि सत्य और ईमानदारी की हमेशा जीत होती है। उन्होंने कहा कि हमारा मन स्वतंत्र घोड़े की तरह न जाने किधर-किधर घूमता है। जब एक ब्रह्मचारी गृहस्थ आश्रम में प्रवेश करता है, तो अपने मन रूपी घोड़े को अपने वश में करके अपनी प्रजा संग परमपिता परमात्मा के चरणों में अपने मन को लगाए और सांसारिक कर्तव्य का पालन करते हुए अपने जीवन को श्रेष्ठता से जिए, ताकि आगे आने वाला समय भी श्रेष्ठ रहे है।
विज्ञापन
विज्ञापन

इस मौके पर पंडित नरेश चंद भारद्वाज, श्री राम राणा, अधिवक्ता संयोग कश्यप, कुलभूषण शर्मा, हरी राम शर्मा, विवेक कुमार, अरविंद महाजन, हेमंत सिंह चंदेल, रचित शर्मा, मुकेश गर्ग, जसवंत सिंह ठाकुर और लेख राम शर्मा मौजूद रहे।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें